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Bareilly Amrish Goswami: बरेली के बिशारतगंज निवासी अमरीश गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि परिचित युवकों ने नौकरी और शादी का लालच देकर उसे मुंबई ले जाकर धर्मांतरण कराने के साथ उसके नाम पर 14 फर्जी बैंक खाते खुलवाए, जिनमें करोड़ों की साइबर ठगी हुई. फर्जी खातों के कारण उसे बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया और तीन महीने जेल में बिताने पड़े.

बरेली: सुंदर लड़की से शादी और अच्छी नौकरी का लालच एक युवक की जिंदगी पर भारी पड़ गया. आरोप है कि बरेली के बिशारतगंज निवासी अमरीश गोस्वामी को उसके ही परिचितों ने साइबर ठगों के गिरोह में फंसा दिया. पीड़ित का कहना है कि नौकरी और विवाह के बहाने उसे मुंबई ले जाकर न केवल उसका धर्मांतरण कराया गया, बल्कि उसके नाम पर 14 फर्जी बैंक खाते भी खुलवाए गए, जिनमें करोड़ों रुपए का लेन-देन किया गया.
पीड़ित अमरीश गोस्वामी के अनुसार, वह बिशारतगंज कस्बे में रसीद अहमद के मकान में किराए पर दुकान लेकर जनरल स्टोर चलाता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात साहिल, समीर अहमद, आसिफ खान और अनीस कुरैशी से हुई. दुकान पर लगातार आने-जाने के चलते उनसे दोस्ती हो गई. अमरीश का आरोप है कि उक्त युवक उन्हें मुंबई ले गए और वहां ऑनलाइन नौकरी दिलाने का झांसा दिया.
साथ ही, यह भी कहा गया कि अच्छी नौकरी मिलने पर ‘अपने ही धर्म की एक सुंदर लड़की’ से उसकी शादी भी करवा दी जाएगी. इतना ही नहीं, मुस्लिम समुदाय के युवकों ने उसका ब्रेनवॉश कर दिया और मांस खिलाया. फिर मस्जिद में ले जाकर उससे कलमा पढ़वाया.
धर्मांतरण और फर्जी खाते खोलने का आरोप
अमरीश का आरोप है कि मुंबई ले जाकर उन्हें दबाव और धोखे से धर्म बदलने को मजबूर किया गया और उसका नाम रजा रख दिया गया. इसके बाद उसके नाम पर 14 फर्जी बैंक खाते खुलवाए गए, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया गया. उनके मुताबिक, खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन के चलते पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. तीन महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली.
बरेली पुलिस से कार्रवाई की मांग
बरेली लौटने के बाद अमरीश ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और पूरे गिरोह पर गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका यह भी कहना है कि जिन लोगों से उनकी दोस्ती हुई थी, वे ‘देश विरोधी और साइबर ठगी जैसी गतिविधियों’ में शामिल हैं. पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तीन विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी है. अब यह पता लगाया जा रहा है कि अमरीश के आरोप कितने सही हैं और उनके पीछे कौन लोग शामिल हैं.

मैं राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहा हूं. मुझे हिंदी मीडिया में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. मैंने प्रिंट में रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल मीड…और पढ़ें
मैं राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहा हूं. मुझे हिंदी मीडिया में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. मैंने प्रिंट में रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल मीड… और पढ़ें
