Wed. Feb 18th, 2026

अपने नाम पर एयरपोर्ट चाहते हैं ट्रंप? US प्रेजिडेंट की फैमिली कंपनी ने ट्रेडमार्क के लिए किया आवेदन – trump airport name trademark filing trump organization us airports ntc rlch

6996299b90790 trump 180526113

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का परिवार अब उनके नाम को आसमान की ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी में है. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप फैमिली की कंपनी ने एयरपोर्ट और उससे जुड़ी एक दर्जन सर्विस और प्रोडक्ट पर मौजूदा US प्रेसिडेंट के नाम का इस्तेमाल करने के एक्सक्लूसिव राइट्स के लिए फाइल किया है. 

डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप की लीडरशिप वाली ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि ये फाइलिंग पैसे कमाने के लिए नहीं, बल्कि बुरे लोगों से फैमिली के नाम की सुरक्षा के लिए की गई हैं. US पेटेंट और ट्रेडमार्क ऑफिस में जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स में तर्क दिया गया है कि ट्रंप नाम का अक्सर गलत इस्तेमाल होता है क्योंकि उनका नाम दुनिया में सबसे ज़्यादा उल्लंघन किया जाने वाला ट्रेडमार्क है.

फैमिली की DTTM ऑपरेशंस यूनिट ने US पेटेंट और ट्रेडमार्क ऑफिस से नाम के तीन वर्शन- ‘प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट’, ‘डोनाल्ड जे. ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ और ‘DJT’ का इस्तेमाल एयरपोर्ट और कई जुड़ी सर्विस और चीजों, जैसे पैसेंजर शटल बसों से लेकर ट्रैवल बैग, छाते और यहां तक कि फ़्लाइट सूट तक पर करने के लिए एक्सक्लूसिव राइट्स मांगे हैं.

कंपनी ने कहा कि उसका किसी भी ऐसे एयरपोर्ट से रेवेन्यू कमाने का इरादा नहीं है जो ट्रंप के नाम पर हो, जिसमें फ्लोरिडा में ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट के पास मौजूद पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रपोजल भी शामिल है. यदि किसी एयरपोर्ट का नाम ट्रंप के नाम पर रखा जाता है (जैसे फ्लोरिडा का पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट), तो राष्ट्रपति या उनका परिवार उसके लिए कोई रॉयल्टी या लाइसेंसिंग शुल्क नहीं लेगा.

नाम बदलने की कोशिश में ट्रंप का कोई रोल नहीं!

यह कदम उन रिपोर्ट्स के बीच उठाया गया है जिनमें कहा गया है कि ट्रंप न्यूयॉर्क के पेन स्टेशन और वाशिंगटन डलेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अपने नाम पर रखने की कोशिश कर रहे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ट्रंप ने प्रोजेक्ट के लिए $16bn देने के बदले में दोनों जगहों का नाम बदलने की बात कही थी. इस आइडिया को सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने मना कर दिया था.

बाद में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नाम रखने का मुद्दा नहीं उठाया था, उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कुछ नेताओं और कंस्ट्रक्शन यूनियन हेड्स की तरफ से आया था, जबकि शूमर ने भी इस बात से मना किया कि यह उनका सुझाव था.

अमेरिका में नाम रखने को लेकर क्या है नियम?

बता दें कि अमेरिका में परंपरागत रूप से किसी राष्ट्रपति के नाम पर एयरपोर्ट या बड़े सार्वजनिक स्थल का नाम उनके कार्यकाल के काफी समय बाद या निधन के बाद रखा जाता है. उदाहरण के तौर पर बिल क्लिंटन, रोनाल्ड रीगन और गेराल्ड फोर्ड के नाम पर एयरपोर्ट उनके कार्यकाल खत्म होने के वर्षों बाद रखे गए थे, जबकि जॉन एफ. कैनेडी के नाम पर न्यूयॉर्क एयरपोर्ट का नाम उनकी हत्या के एक महीने के भीतर रखा गया था.

ट्रंप ब्रांड का यह विस्तार पिछले एक वर्ष में तेज हुआ है. ट्रंप परिवार ने दुबई, भारत, सऊदी अरब और वियतनाम में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में अपने नाम का लाइसेंस दिया है और गिटार, बाइबिल तथा स्नीकर्स जैसे ब्रांडेड उत्पाद भी लॉन्च किए हैं. इस बीच, एयरपोर्ट नामकरण को लेकर ट्रेडमार्क आवेदन ने अमेरिका में राजनीतिक और नैतिक बहस को फिर से हवा दे दी है.

—- समाप्त —-

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *