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आतंकी ताहिर अनवर की मौत मसूद अजहर के लिए कितना बड़ा झटका, कैसे जैश की लग गई लंका?

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आतंकी ताहिर की मौत मसूद अजहर के लिए कितना बड़ा झटका, कैसे जैश की लगी लंका

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तिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को बड़ा झटका लगा है. संगठन प्रमुख मसूद अजहर के भाई हकीम मोहम्मद ताहिर अनवर की मौत हो गई है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार अनवर संगठन के आतंकियो का नेतृत्व कर रहा था.

आतंकी ताहिर की मौत मसूद अजहर के लिए कितना बड़ा झटका, कैसे जैश की लगी लंकाZoom

अनवर संगठन के सशस्त्र आतंकियों का नेतृत्व कर रहा था.

नई दिल्ली. प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को बड़ा झटका लगा है. संगठन प्रमुख मसूद अजहर के भाई हकीम मोहम्मद ताहिर अनवर की मौत हो गई है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार अनवर संगठन के आतंकियों का नेतृत्व कर रहा था और जमीनी स्तर पर आतंकवादी गतिविधियों को चलाता था. उनकी मौत से संगठन की क्षमता पर असर पड़ने की आशंका है.

बताया जा रहा है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जैश-ए-मोहम्मद पहले से ही खुद को दोबारा संगठित करने की कोशिश में लगा हुआ है. हाल के समय में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियानों में संगठन को भारी नुकसान हुआ है, जिससे उसका ढांचा कमजोर हुआ है.

सूत्रों के अनुसार मसूद अजहर पहले ही अपने कई परिजनों और करीबी सहयोगियों को खो चुका है, जिससे वह कमजोर हुआ है. सुरक्षा कारणों के चलते वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहा है और सीधा संवाद भी सीमित हो गया है. ऐसे हालात में अनवर और उनके भाई इब्राहिम अजहर संगठन की जिम्मेदारियां संभाल रहा था.

जैश-ए-मोहम्मद का संचालन मुख्य रूप से अजहर परिवार के हाथों में रहा है. मसूद अजहर और उनके भाइयों द्वारा ही बड़े फैसले लिए जाते थे, जबकि बाहरी लोगों को नेतृत्व में ज्यादा स्थान नहीं दिया जाता था. यही वजह है कि अब परिवार के कमजोर होने से संगठन के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस कमी को भरना आसान नहीं होगा, क्योंकि नए लोगों पर भरोसा बनाने में समय लगता है. ऐसे में संगठन को दोबारा से खड़ा करना धीमा पड़ सकता है. फिलहाल जैश अपने मनोबल बनाए रखने के लिए प्रचार-प्रसार का सहारा ले सकता है.

वहीं, भारत में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं. हाल में सामने आए कुछ मामलों से संकेत मिले हैं कि संगठन देश के भीतर नए मॉड्यूल खड़े करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कड़ी निगरानी के चलते उसके प्रयासों को लगातार विफल किया जा रहा है.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

By uttu

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