चांद मिशन के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बन गया है। नासा के मिशन आर्टेमिस II ने इंसानों को पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तक पहुंचा दिया है। इस मिशन ने अपोलो 13 का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। नासा की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार जैसे ही अंतरिक्ष यात्री चांद के पास पहुंचे, उनके सामने खिड़कियों से चांद का शानदार नजारा दिखाई देने लगा। खास बात यह रही कि इस दौरान उन्हें चांद के उस हिस्से (फार साइड) को देखने का मौका मिला, जिसे पहले इंसानों ने कभी इस तरह करीब से नहीं देखा था।
यह पूरा फ्लाईबाय करीब छह घंटे तक चला, जो इस मिशन का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है। इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो मिलकर इस ऐतिहासिक यात्रा को अंजाम दे रहे हैं। यह मिशन नासा की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत एक बार फिर इंसानों को चांद पर उतारने की तैयारी की जा रही है। खास तौर पर चांद के साउथ पोल (दक्षिणी ध्रुव) पर अगले दो साल में इंसानों के कदम रखने का लक्ष्य रखा गया है।
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LIVE: Watch with us as the Artemis II astronauts make their closest approach to the Moon, traveling farther from Earth than ever before. https://t.co/Zpy7GdTqA8
— NASA (@NASA) April 6, 2026
तोड़ा अपोलो 13 का रिकॉर्ड, समझिए कैसे?
बता दें कि नासा के आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्री अब पृथ्वी से सबसे दूर पहुंचने वाले इंसान बन गए हैं। सोमवार को दोपहर 1:57 बजे ईडीटी, (भारतीय समयानुसार रात लगभग 11:27 बजे) उन्होंने 1970 में अपोलो 13 द्वारा बनाया गया रिकॉर्ड तोड़ दिया। नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि उनका यह मिशन चांद के दूरवर्ती हिस्से (फार साइड) के चारों ओर यात्रा करता हुआ उन्हें पृथ्वी से अधिकतम 2,52,752 मील की दूरी तक ले जाएगा।
कब होनी है पृथ्वी पर वापसी?
यह मिशन न केवल रिकॉर्ड तोड़ने वाला है, बल्कि चांद के उस हिस्से को देखने का भी मौका देगा, जिसे इंसान पहले कभी इतनी करीब से नहीं देख पाए। करीब 10 दिन के इस मिशन के बाद 10 अप्रैल को अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर में उतरकर पृथ्वी पर लौटेगा। नासा का यह मिशन भविष्य में चांद पर स्थायी बेस बनाने की दिशा में पहला बड़ा कदम है। नासा ने बताया कि इस कदम को लेकर एजेंसी का लक्ष्य है कि 2028 तक चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास इंसानों की लैंडिंग कराई जाए।
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कौन-कौन से अंतरिक्ष यात्री इसमें गए है?
गौरतलब है कि नासा के आर्टेमिस II मिशन में चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। मिशन के कमांडर रीड वाइजमैन हैं, जबकि पायलट की जिम्मेदारी विक्टर ग्लोवर के पास है। इतना ही नहीं मिशन में दो स्पेशलिस्ट भी हैं, क्रिस्टिना कॉच और कनाडाई स्पेस एजेंसी के जेरमी हैन्सन। ये चारों अंतरिक्ष यात्री ओरियन अंतरिक्षयान में सवार हैं और चाँद के सबसे नजदीकी मार्ग पर 10‑दिन की रोमांचक यात्रा पर हैं। मिशन का उद्देश्य न केवल चाँद के पास से गुजरना है, बल्कि मानव अंतरिक्ष यात्रा के नए रिकॉर्ड भी स्थापित करना है।
