इजराइल-ईरान ही नहीं, भारत में भी बज चुका है खतरे वाला सायरन, सिहर गए थे लोग
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इजराइल-ईरान के शहरों में बजने वाला युद्ध का सायरन कुछ ही महीनों पहले भारत के कई शहरों में बच चुका है. इस सायरन की आवाज सुनकर भारी तादाद में लोग बंकर में जा छिपे थे. आइए जानें, भारत में कब, कहां ओर क्यों बजा युद्ध वाला सायरन?

War Siren in India: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज छठवां दिन हैं. इन छह दिनों में अमेरिका इजराइल के साथ मिलकर ईरान के अलग-अलग ठिकानों को अपनी मिसाइलों से निशाना बना रहा है. वहीं अमेरिका-इजराइल के हमलों का जवाब देते हुए ईरान इजराइल के साथ गल्फ के तमाम शहरों में लगातार ड्रोन और मिसाइलों पर हमला कर रहा है. आलम यह है कि आसमान से मिसाइल की आहट आते ही इजराइल, ईरान और खाड़ी देशों के तमाम शहरों में सायरन गूंजने लगते हैं, जिससे समय रहते नागरिक अपनी जान बचाकर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंच सकें.
कुछ ऐसे ही हालात कुछ महीनों पहले भारत में भी बन चुके हैं. इजराइल और ईरान में बचजने वाला यह खतरे का सायरन भारत के कई शहरों में बज चुका है. जी हां, यह बात ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की है. जब सायरन की आवाज सुनते ही कई इलाकों में सिरहन भर जाती थी और हमले से बचने के लिए लोग बंकर में जा छिपते थे. सीमावर्ती इलाकों की बात करें तो जम्मू और कश्मीर के कठुआ, उरी सेक्टर के बारामुला, राजौरी, पुंछ, जम्मू, सांबा, अखनून में खतरे के सायरन ऑपरेशन सिंदूर के दोरान कई बार बजे और सीमावर्ती गांवों के लोगों को बंकरों में जाना पड़ा था.
कठुआ की बात करें तो यहां के हिरा नगर सेक्टर सहित सीमावर्ती इलाकों में 2600 फैमिली बंकर तैयार किए गए थे. वहीं पुंछ में पाकिस्तान की तरफ से फेंके गए कुछ शेल्स फंटे नहीं. जिसके चलते एहतियान स्थानीय लोगों को बंकरों में भेज दिया गया था. वहीं, देश के दूसरे हिस्सों की बात करें तो एहतियान कई शहरों में खतरे के सायरन को लेकर मॉकड्रिल की गई थी.
- नोएडा से मुंबई तक, दिल्ली से गुजरात की सीमाओं तक खतरे का सायरन बजाया गया था. जिससे आपात परिस्थितियों को लेकर स्थानीय नागरिकों को जागरूक किया जा सके.
- सबसे पहले नोएडा के एक मॉल में रात 1:05 बजे सायरन बजा गया था. यह सायरन मॉक ड्रिल का हिस्सा था. खतरे का सायरन सुनने के बाद स्थानीय लोग सिहर गए थे.
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महाराष्ट्र में कुल 492 एयर रेड सायरन पॉइंट्स बनाए गए थे, इनमें मुंबई में 311, पुणे में 85, नासिक 33, तारापुर 21, रायगढ़ 16 और ठाणे 26 सायरन प्वाइंट थे.
- इससे अलावा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने डिजिटल रिवैंपिंग शुरू की और नए डिजिटल सायरन लगाए गए जो मोबाइल अलर्ट से लिंक थे.
- दिल्ली में भी 8 मई को पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर दोपहर 3 बजे इमरजेंसी सायरन टेस्ट हुआ. यह ‘डू नॉट पैनिक’ अभियान का हिस्सा था.
- जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में ब्लैकआउट लागू हुए.। यहां सायरन बजते ही लाइटें बंद हो गईं और सुरक्षित ठिकानों में चले गए.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
