कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने 2002 से 2017 तक उत्तर प्रदेश के विकास को बसाड़ बड़ा नुकसान पहुँचाया. इस दौरान प्रदेश में विकास की गति रुक गई और लगातार कई समस्याएं उभरीं. यही कारण है कि इस अवधि में उत्तर प्रदेश ने भारी जलालत झेली है. इन दलों के कारण प्रदेश के विकास का मार्ग अवरुद्ध हो गया और प्रदेश पीछे रह गया.
