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कार्बन क्रेडिट से बढ़ेगी किसानों की कमाई, पेड़ लगाकर मिलेगा अतिरिक्त मुनाफा

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कार्बन क्रेडिट का अर्थ है जो व्यक्ति या किसान वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड कम करने में योगदान देता है, उसे इसके बदले आर्थिक प्रोत्साहन मिलता है. पेड़ जितनी अधिक मात्रा में कार्बन अवशोषित करेंगे, उतना ही अधिक लाभ मिलने की संभावना होगी.

कार्बन क्रेडिट से बढ़ेगी किसानों की कमाई, पेड़ लगाकर मिलेगा अतिरिक्त मुनाफाZoom

बेगूसराय: किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए कार्बन क्रेडिट योजना एक नई संभावना बनकर उभर रही है. इस व्यवस्था के तहत किसान पेड़ लगाकर केवल लकड़ी बेचकर ही नहीं, बल्कि वातावरण को स्वच्छ बनाने में योगदान देने के बदले भी अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकेंगे. विशेषज्ञों के अनुसार तेजी से बढ़ने वाले पेड़, जैसे पॉपुलर और मेलिया डुबिया, कम समय में अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं. ऐसे पेड़ों की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है.

पेड़ों से कमाई के साथ अतिरिक्त आय का अवसर
कार्बन क्रेडिट का अर्थ है जो व्यक्ति या किसान वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड कम करने में योगदान देता है, उसे इसके बदले आर्थिक प्रोत्साहन मिलता है. पेड़ जितनी अधिक मात्रा में कार्बन अवशोषित करेंगे, उतना ही अधिक लाभ मिलने की संभावना होगी. विभागीय चर्चाओं के अनुसार प्रति पेड़ 400 से 500 रुपये तक, और कुछ मामलों में इससे भी अधिक राशि किसानों को मिल सकती है. इस तरह लकड़ी की बिक्री के अलावा आय का एक नया स्रोत तैयार होगा.

रजिस्ट्रेशन के जरिए जुड़ेंगे किसान
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने नजदीकी फार्म हाउस या संबंधित केंद्र पर पंजीकरण कराना होगा. स्थानीय स्तर पर किसानों को जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण की ओर प्रेरित हों. सरल शब्दों में कहें तो किसान पेड़ लगाकर “स्वच्छ हवा बनाने” के बदले भी आय अर्जित कर सकेंगे.

आय बढ़ेगी, पर्यावरण को भी मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में किसान इस पहल से जुड़ते हैं, तो इससे जलवायु संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी. साथ ही किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी हो सकती है. इस प्रकार कार्बन क्रेडिट योजना खेती को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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