Mon. Mar 2nd, 2026

क्या चीन ने ईरान को बेची सुपरसोनिक मिसाइल?:मदद की अटकलों पर आया चीन का बड़ा बयान, कहा- तनाव कम करना जरूरी – China Foreign Ministry Statement Over Iran Missile Deal Cm-302 Beijing Reaction Diplomatic Communication

chinese army is now completely under control of president jinping most powerful general has been si

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच चीन ने ईरान को उन्नत सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल बेचने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजिंग में सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई सौदा नहीं हुआ है। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और इस्राइल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चला रहे हैं और क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि सीएम-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलों की बिक्री को लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है, वह गलत सूचना फैलाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि चीन एक जिम्मेदार देश है और वह अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता है। माओ ने कहा कि चीन किसी भी तरह की भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण खबरों का विरोध करता है और सभी पक्षों से तनाव कम करने वाले कदम उठाने की अपील करता है।

मिसाइल सौदे की खबर क्यों बनी अहम

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हवाई हमलों से पहले चीन और ईरान के बीच इस उन्नत मिसाइल प्रणाली को लेकर समझौता अंतिम चरण में था। अगर यह सौदा होता तो यह हाल के वर्षों में ईरान को चीन द्वारा दिया गया सबसे उन्नत सैन्य उपकरण होता। हालांकि चीन ने इसे पूरी तरह निराधार बताया है।

ये भी पढ़ें- US Fighter Jets Down: ईरान-इस्राइल की बमबारी के बीच कुवैत में बड़ी चूक, तीन अमेरिकी F-15 विमान गिरे; दोषी कौन?

अमेरिकी सैन्य तैनाती और क्षेत्रीय समीकरण

इस बीच अमेरिका ने ईरानी जलक्षेत्र के पास अपने नौसैनिक समूह, जिनमें विमानवाहक पोत भी शामिल हैं, तैनात किए हैं। चीन और ईरान के बीच करीबी ऊर्जा और रक्षा संबंध हैं। ईरान चीन को तेल की बड़ी आपूर्ति करता है। ऐसे में इस खबर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई थी। चीन की आधिकारिक मीडिया ने यह भी दावा किया कि कुछ अमेरिकी विमान ईरानी मिसाइलों से टकराकर गिरे, हालांकि मिसाइलों के स्रोत की पुष्टि नहीं हुई है।

सीएम-302 मिसाइल के बारे में जानें

CM-302 चीन द्वारा विकसित एक उन्नत सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल है। इसे समुद्र में दुश्मन के युद्धपोतों और बड़े नौसैनिक ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। इसे आधुनिक नौसैनिक युद्ध के लिए बेहद खतरनाक हथियार माना जाता है।


  • यह सुपरसोनिक गति (आवाज की गति से कई गुना तेज) से उड़ान भरती है।

  • मुख्य रूप से युद्धपोत, विमानवाहक पोत और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाती है।

  • लंबी दूरी से हमला करने की क्षमता रखती है।

  • रडार से बचने और तेजी से लक्ष्य भेदने के लिए डिजाइन की गई है।

  • जमीन, जहाज या मोबाइल लॉन्चर से दागी जा सकती है।


क्यों मानी जाती है खतरनाक


तेज रफ्तार और कम प्रतिक्रिया समय के कारण दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली के लिए इसे रोकना मुश्किल माना जाता है। इसलिए अगर किसी देश की नौसेना के पास यह मिसाइल हो तो उसकी समुद्री मारक क्षमता काफी बढ़ जाती है।



ट्रंप की यात्रा और कूटनीतिक संकेत


चीन ने यह भी कहा कि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की बीजिंग यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच संवाद जारी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने बल प्रयोग का विरोध दोहराया और कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। बीजिंग ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।



अन्य वीडियो-


By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *