इराक की राजधानी बगदाद में रविवार को सैकड़ों प्रो-ईरानी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास के ग्रीन ज़ोन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने ईरानी झंडे लहराए और सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की, जिसके जवाब में आंसू गैस और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया. वहीं, पाकिस्तान के कराची में भी अमेरिकी दूतावास के बाहर हिंसक प्रदर्शन हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबल को गोलियां चलाने पड़ीं, जिसमें कई लोग मारे गए हैं. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं.
दरअसल, ये प्रदर्शन अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के खिलाफ गुस्से का नतीजा हैं. खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को तेहरान के आसपास इजरायली मिसाइल हमलों में हुई थी, जिसकी पुष्टि ईरानी सरकार ने 1 मार्च को की थी. इस घटना ने मिडिल ईस्ट को गहरे संकट में डाल दिया है.
‘ग्रीन जोन में घुसने की कोशिश’
इसी को लेकर सैकड़ों प्रो-ईरानी प्रदर्शनकारियों ने बगदाद में रविवार को प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शनकारी प्रो-ईरान सशस्त्र समूहों के झंडे लहराते हुए ग्रीन ज़ोन में घुसने की कोशिश कर रहे थे. सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की, जिसके जवाब में आंसू गैस और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया. सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी बार-बार ग्रीन जोन में घुसने की कोशिश कर रहे हैं.
PAK में भी हिंसक प्रदर्शन
इराक के अलावा रविवार को पाकिस्तान के कई शहरों में भी ऐसी ही प्रदर्शन देखने को मिलते थे. बताया जा रहा है कि इराक और पाकिस्तान में ईरान के बाद दुनिया की सबसे बड़ी शिया मुस्लिम आबादी है, इसलिए इन देशों में अमेरिका-इजरायल हमलों के खिलाफ सबसे ज्यादा हिंसक विरोध देखा गया. पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी में कई लोगों की मौत हो गई.
बता दें कि इजरायल ने रविवार को तेहरान पर नए सिरे से हमले किया. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के कई शहरों और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले किए. जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है. क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली हमलों तथा ईरानी जवाबी कार्रवाई से शिपिंग, हवाई यात्रा और तेल क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
—- समाप्त —-
