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Gurugram IMT Manesar Strike: हरियाणा के गुरुग्राम जिले में आईएमटी मानेसर में बुधवार को तनाव के चलते भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. छह से ज्यादा कंपनियों के संविदा कर्मचारी बुधवार को वेतन बढ़ाने और काम की बेहतर हालत की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए. इस दौरान उनकी पुलिस से हल्की झड़प भी हुई. फिलहाल, धारा 163 लागू की गई है.

गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर में निजी कंपनियों के कर्मचारियों की हड़ताल.
गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर की छह से ज्यादा कंपनियों के कर्मचारी बुधवार को वेतन बढ़ाने और काम की बेहतर हालत की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए.
गुरुग्राम के जिला मजिस्ट्रेट और उपायुक्त अजय कुमार ने आईएमटी मानेसर और आसपास के इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू करने के आदेश दिए.
होंडा स्कूटर एंड मोटरसाइकिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एचएमएसआई) में श्रमिकों के आंदोलन के बाद, छह कंपनियों के संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी. करीब 7,000 संविदा कर्मचारी वेतन बढ़ाने और बेहतर काम की हालत की मांग को लेकर अपनी कंपनियों के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए. बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुईं. जब पुलिस ने कर्मचारियों से बात करने की कोशिश की, तो झड़प हो गई.
आरोप है कि पुलिस अधिकारियों से धक्का-मुक्की भी हुई और उनके मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई. कर्मचारियों के हंगामे को देखते हुए जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी.
अजय कुमार ने कहा कि यह फैसला पुलिस विभाग से मिली जानकारी के आधार पर लिया गया, जिसमें क्षेत्र में संभावित प्रदर्शन और विरोध मार्च को लेकर चिंता जताई गई थी. जारी आदेशों के मुताबिक, आईएमटी मानेसर क्षेत्र में बिना अनुमति के पांच या ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर सख्त रोक है. इसके अलावा, सार्वजनिक जगहों पर किसी भी तरह के हथियार ले जाना भी मना है. साथ ही सड़कों और रास्तों को रोकना या ट्रैफिक में रुकावट डालना भी मना है. उपायुक्त कुमार ने कहा, ‘ये आदेश शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने, लोगों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए लागू किए गए हैं. ये आदेश तुरंत लागू होंगे और अगले आदेश तक रहेंगे.’
सरकार ने दी राहत
उधर, हरियाणा मंत्रीमंडल की बैठक में अकुश श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को लेकर फैसला लिया गया. कैबिनेट मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को मौजूदा ₹11,257 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹15,200 प्रतिमाह करने की सिफारिश की है. इस पर शीघ्र ही निर्णय लेकर वर्ष 2026-27 में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ौतरी की जाएगी. सीएम ने कहा कि इस घोषणा को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडल ने विचार विमर्श कर न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने का निर्णय लिया और अब प्रदेश में न्यूनतम मज़दूरी ₹15220 होगी.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
