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जन औषधि केंद्रों की संख्या 10 हजार के पार – realtimes

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जन औषधि केंद्रों की संख्या 10 हजार के पार

  नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि जन औषधि केंद्रों की संख्या 10,000 को पार कर गई है, जो किफायती जेनेरिक दवाइयां और सैनिटरी प्रोडक्ट बेहद कम कीमत पर उपलब्ध करवाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के हस्तक्षेपों से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुंच में काफी सुधार देखा गया है।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने 22वें सीआईआई एनुअल हेल्थ समिट में कहा कि भारत सरकार द्वारा उठाए गए कई बड़े कदमों जैसे हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से शून्य करना, मेडिकल डिवाइस, कैंसर देखभाल दवाओं और कई आवश्यक दवाओं पर शुल्क कम करने के साथ भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण लाभ मिल रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार, मेडिकल प्रोफेशनल्स और हेल्थकेयर इंडस्ट्री के सामूहिक प्रयास भारतीयों को बेहतर सेवा प्रदान करेंगे और वैश्विक स्तर पर भारत को मेडिकल ट्रीटमेंट और वेलनेस के लिए एक पसंदीदा ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाएंगे।

उन्होंने अपनी बात समझाते हुए कहा, “दुनिया के कुछ हिस्सों में आबादी की औसत उम्र 47-50 वर्ष है और यह और भी अधिक बढ़ रही है। क्या आप सोच सकते हैं कि हमारे लिए कितना बड़ा अवसर बन सकता है? ऐसे बहुत से देश हैं जहां मेडिकल ट्रीटमेंट सोशल वेलफेयर खर्च के हिस्से के तौर पर दिया जाता है, लेकिन वहां बहुत लंबा वेटिंग टाइम होता है, जिसके साथ एक डेंटिस्ट से अपॉइंटमेंट लेने में भी 6 महीने का समय लग जाता है। इसके मुकाबले शायद फ्लाइट से आना, इलाज करवाना और जल्दी वापस जाना अधिक आसान, कम खर्चीला और बेहतर साबित हो सकता है।”

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, “पीएम मोदी के विजन के अनुरूप, एक अच्छा स्वास्थ्य एक समृद्ध समाज की नींव है। देश क्योंकि 2047 तक विकसित भारत बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है इसलिए एक स्वस्थ और उत्पादक राष्ट्र के निर्माण में डॉक्टर्स और संपूर्ण मेडिकल इकोसिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।”

By uttu

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