Tue. Mar 17th, 2026

जब सुषमा स्वराज ने यूएन में कहा- ‘हमने डॉक्टर बनाए और तुमने जिहादी’, सन्न रह गई दुनिया, कांप उठा था पाकिस्तान

Sushma Swaraj 2026 02 81626132f36fefcfdfc5708c87ed43de

आज 14 फरवरी है. दुनिया इसे वैलेंटाइन डे के रूप में मनाती है, लेकिन भारतीय राजनीति के लिए यह दिन एक ‘अद्भुत वक्ता’ और ‘लौह महिला’ के जन्म का दिन है. हम बात कर रहे हैं पूर्व विदेश मंत्री और पद्म विभूषण सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) की. एक ऐसी नेता, जिसका कद पार्टियों से बड़ा था. जब वो संसद में खड़ी होती थीं, तो पक्ष हो या विपक्ष, सब खामोश होकर सिर्फ ‘हिंदुस्तान’ को सुनते थे. उनकी राजनीति का अंदाज उस शेर की तरह था जो शिकार भी करता है तो शान से. उनका वो मशहूर शेर… “तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लूटा…” आज भी संसद की दीवारों में गूंजता है.

25 साल की उम्र में मंत्री, राजनीति की ‘सुपरवुमन’
सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को अंबाला कैंट में हुआ. उनके खून में ही सियासत और संघ के संस्कार थे. 1975 में जब देश में इमरजेंसी लगी, तो सुषमा स्वराज जयप्रकाश नारायण के ‘सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन’ में कूद पड़ीं. इसी दौरान उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस की लीगल डिफेंस टीम का हिस्सा बनकर अपनी कानूनी और सियासी समझ का लोहा मनवाया. 1977 में उन्होंने हरियाणा विधानसभा का चुनाव जीता और महज 25 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बन गईं. यह रिकॉर्ड बता देता है कि वो लंबी रेस का घोड़ा थीं.

सोनिया गांधी से टक्कर और दिल्ली की गद्दी
90 का दशक सुषमा स्वराज के लिए नई ऊंचाईयां लेकर आया. 1996 में वाजपेयी जी की 13 दिन की सरकार में वो सूचना प्रसारण मंत्री बनीं. 1998 में उन्होंने दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचा. 1999 में पार्टी ने उन्हें कर्नाटक के बेल्लारी से सोनिया गांधी के खिलाफ मैदान में उतारा. भले ही वो चुनाव हार गईं, लेकिन उन्होंने दक्षिण भारत में बीजेपी के लिए जमीन तैयार कर दी और कन्नड़ बोलकर लोगों का दिल जीत लिया.

मनमोहन सरकार की ईंट से ईंट बजा दी
2009 से 2014 तक जब वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) थीं, तो यूपीए सरकार उनके सवालों से थर्राती थी. जब अन्ना हजारे का आंदोलन चल रहा था और भ्रष्टाचार के मुद्दे गरम थे, तब लोकपाल बिल पर उनकी दहाड़ ने मनमोहन सरकार को हिला दिया था. उन्होंने संसद में साफ पूछा था- “सशक्त लोकपाल का स्वराज क्या होगा? देश पूछ रहा है.” उनके तर्कों और शेरो-शायरी के आगे सत्ता पक्ष निरुत्तर हो जाता था.

UN में पाकिस्तान को नंगा कर दिया
2014 में मोदी सरकार में विदेश मंत्री बनते ही उन्होंने दुनिया को बता दिया कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, आक्रामक है. संयुक्त राष्ट्र (UN) में उनके भाषणों ने पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने ‘टेरर फैक्ट्री’ साबित कर दिया. 23 सितंबर को UN में उन्होंने जो कहा, उसने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया. उन्होंने कहा था, “भारत ने स्कॉलर, वैज्ञानिक, इंजीनियर और डॉक्टर पैदा किए. पाकिस्तान ने क्या बनाया? सिर्फ दहशतगर्द और जिहादी! डॉक्टर मरते हुए लोगों की जिंदगी बचाते हैं और जिहादी जिंदा लोगों को मार डालते हैं.”

एक युग का अंत
सुषमा स्वराज ने अपनी नैतिक ईमानदारी से राजनीति की एक ऐसी लकीर खींची, जिसे पार करना किसी के बस की बात नहीं. 6 अगस्त 2019 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके शब्द, उनके फैसले और पाकिस्तान को दी गई उनकी चेतावनियां हमेशा अमर रहेंगी.

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *