तमिनलाडु में वोटिंग से पहले क्यों भिड़ गए निर्मला सीतारमण और CM एम के स्टालिन?
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Nirmala Sitharaman Vs M K Stalin in Tamil Nadu Chunav 2026: तमिलनाडु में वोटिंग से पहले बीजेपी और डीएमके में नई लड़ाई शुरू हो गई है. राज्य के सीएम एम के स्टालिन ने केंद्र सरकार पर किसानों के बोनस रोकने का आरोप लगाया था. स्टालिन के इन आरोपों पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने करारा जवाब दे दिया. इसके बाद ही दोनों में एक्स पर टकराव वाली स्थिति पैदा हो गई. जानें केंद्र सरकार ने क्या पत्र लिखा था और उसको एम के स्टालिन तमिल नाडु चुनाव में कैसे भुना रहे हैं?

तमिल नाडु में क्यों भिड़े स्टालिन और निर्मला सीतारमण?
चेन्नई. तमिल नाडु में मतदान का तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, नेताओं में युद्ध वाली स्थिति पैदा हो गई है. हाल ही में तंजावुर की एक रैली में सीएम एम के स्टालिन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया. स्टालिन का आरोप है कि केंद्र सरकार ने एक पत्र भेजकर तमिलनाडु सरकार को धान की खरीद पर दिए जाने वाले अतिरिक्त बोनस को बंद करने की सलाह दी है. स्टालिन का तर्क है कि इससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा. स्टालिन के इस लेटर बम पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बड़का लेटर बम फोड़ दिया. सीतारमण ने स्टालिन के आरोपों को न केवल खारिज किया, बल्कि अपने एक्स हैंडल से ये भी साबित किया यह सलाह मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों को भेजी, तमिल नाडु को भी भेजा गया. उन्होंने स्पष्ट किया है कि केंद्र ने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है, बल्कि सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एक एडवायजरी भेजा था. सीतारमण का कहना है कि यह सलाह राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए थी, न कि किसानों के बोनस को रोकने के लिए.
दरअसल तमिल नाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच हालिया विवाद कृषि नीति, फसल विविधीकरण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को लेकर है. यह मुख्य रूप से जनवरी 2026 में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव द्वारा सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए एक पत्र पर केंद्रित है. केंद्र सरकार ने 9 जनवरी 2026 को सभी राज्यों को एक सलाह भेजी, जिसमें कहा गया कि राज्य सरकारें अपनी बोनस नीति (MSP से ऊपर अतिरिक्त बोनस) को पल्सेज (दालें), ऑयलसीड्स (तिलहन) और मिलेट्स (मोटा अनाज) को बढ़ावा देने के लिए काम करे. इसका मुख्य उद्देश्य भारत को खाद्य तेल और दालों के आयात पर निर्भरता कम करना था.
Building food security requires a constructive, continuous and positive engagement on agriculture with all stakeholders.
However, CM Thiru @mkstalin appears to continue with what he and his party are good at— draw a wedge between centre and states, create false narratives… pic.twitter.com/SP7Ukqi0Si
