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तमिलनाडु में भी कांग्रेस के लिए बिहार जैसी ‘बेइज्जती’, गहरी चोट देने की तैयारी में DMK, स्‍टालिन ने चल दिया दांव – tamil nadu assembly election setback for congress mk stalin dmk alliance with Vijayakant dmdk 4 repercussion rahul gandhi

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तमिलनाडु में भी कांग्रेस के लिए बिहार जैसी ‘बेइज्जती’, DMK ने कर ली तैयारी

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Tamil Nadu Election News: तमिलनाडु में आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में प्रदेश में राजनीतिक गतिविधयां तेज हो गई हैं. कांग्रेस का यहां भी बिहार जैसा ही हाल है. सत्‍तारूढ़ डीएमके ने डीएमडीके के साथ चुनावी गठजोड़ कर लिया है. वहीं, कांग्रेस का अभी तक सीएम एमके स्‍टालिन की पार्टी से गठबंधन को लेकर बातचीत तक नहीं हुई है.

तमिलनाडु में भी कांग्रेस के लिए बिहार जैसी 'बेइज्जती', DMK ने कर ली तैयारीZoom

Tamil Nadu Election News: तमिलनाडु में सत्‍तारूढ़ DMK ने DMDK के साथ चुनावी गठजोड़ करने का ऐलान किया है. कांग्रेस के लिए इसे झटका माना जा रहा है. (फाइल फोटो)

Tamil Nadu Election News: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है. DMDK और DMK के बीच पहली बार चुनावी गठबंधन बनने से राज्य की सियासी तस्वीर में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत मिले हैं. DMDK की प्रेमलता विजयकांत ने भावनात्मक और राजनीतिक दोनों पहलुओं को सामने रखते हुए इस ऐतिहासिक गठबंधन की घोषणा की. प्रेमलता विजयकांत ने कहा कि यह गठबंधन वर्ष 2016 में ही होना तय था, जब तत्कालीन डीएमके अध्यक्ष एम करुणानिधि और डीएमडीके संस्थापक विजयकांत के बीच बातचीत हुई थी. हालांकि, उस समय यह संभव नहीं हो सका, लेकिन अब दस वर्ष बाद करुणानिधि और विजयकांत के आशिर्वाद से यह गठबंधन साकार हुआ है. उन्होंने बताया कि यह निर्णय पार्टी के अधिकांश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की इच्छा के अनुरूप लिया गया है. डीएमके और डीएमडीके के बीच चुनावी गठजोड़ कांग्रेस के लिए सियासी झटका है. राहुल गांधी की पार्टी के साथ बिहार में भी कुछ ऐसा ही हुआ था. आखिरकार कांग्रेस को महागठबंधन के पाले में ही वापस आना पड़ा था. कई सीटों पर घटक दलों के बीच ही चुनावी मुकाबला हुआ था. परिणाम यह रहा कि बिहार में महागठबंधन पूरी तरह से पिट गई. तमिलनाडु में भी कुछ वैसे ही हालात बने हुए हैं.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एके स्‍टालिन ने भी डीएमडीके के गठबंधन में शामिल होने का स्वागत किया. सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्होंने कहा कि डीएमडीके का आगमन राज्य के विकास में योगदान देगा और दोनों दल राज्य की समग्र प्रगति के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे. स्टालिन से मुलाकात के बाद प्रेमलता ने बताया कि दोनों दलों के बीच जल्द ही सीट बंटवारे को लेकर बातचीत होगी. डीएमडीके को राज्यसभा सीट मिलने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में आधिकारिक घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी. इस गठबंधन को भावनात्मक रंग देते हुए प्रेमलता ने करुणानिधि के प्रसिद्ध कथन ‘पझम नझुवि पालिल विझुम’ का उल्लेख किया, जिसका अर्थ है कि ‘फल फिसलकर दूध में गिरेगा’, जो उस समय संभावित गठबंधन की ओर संकेत था. उन्होंने कहा कि अब यह फल सचमुच ‘शहद मिले दूध’ में गिरा है. उन्होंने दोनों परिवारों के पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए बताया कि उनके विवाह की अध्यक्षता करुणानिधि ने की थी और विवाह समारोह अन्ना अरिवालयम में आयोजित हुआ था.

कांग्रेस के सामने 4 मुश्किलें

  1. डीएमडीके (DMDK) के गठबंधन में शामिल होने से डीएमके (DMK) की चल रही सीट बंटवारे पर बातचीत में स्थिति मजबूत हो गई है. कांग्रेस अधिक सीटों के साथ-साथ सत्ता में हिस्सेदारी (गठबंधन सरकार) की भी मांग कर रही थी, जिसे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सख्ती से खारिज कर दिया है. एक और सहयोगी को शामिल करके डीएमके किसी एक सहयोगी पर अपनी निर्भरता कम कर रही है, जिससे कांग्रेस के लिए अपनी मांगों पर दबाव बनाना और कठिन हो गया है.
  2. तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं. वर्ष 2021 में कांग्रेस ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था. अब डीएमडीके आधिकारिक रूप से गठबंधन का हिस्सा बन गई है. यह पहला मौका है जब डीएमडीके ने 2005 में अपनी स्थापना के बाद डीएमके के साथ हाथ मिलाया है. ऐसे में गठबंधन की हिस्सेदारी को और अधिक बांटना पड़ेगा. डीएमडीके को दी जाने वाली कोई भी सीट सीधे या परोक्ष रूप से कांग्रेस के लिए उपलब्ध निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या को सीमित कर सकती है.
  3. द्रमुक (DMK) ने गठबंधन निर्माण के इस दौर का उपयोग यह स्पष्ट करने के लिए किया है कि वह भविष्य की कैबिनेट में सत्ता साझा नहीं करेगी और द्रविड़ मॉड के तहत एकदलीय शासन की अपनी नीति पर कायम रहेगी. यह राज्य कांग्रेस नेताओं जैसे मणिक्कम टैगोर, द्वारा अधिक समान भागीदारी वाले गठबंधन की हालिया मांगों का सीधा खंडन है
  4. DMK ने कथित तौर पर DMDK को राज्यसभा सीट का प्रस्ताव देकर उसे AIADMK के नेतृत्व वाले संभावित गठबंधन से दूर करने में सफलता हासिल की. DMK का यह सक्रिय कदम सुनिश्चित करता है कि राज्य में उसकी बड़े भा (प्रमुख शक्ति) की स्थिति बनी रहे, जिससे कांग्रेस के पास हाई-लेवल राजनीतिक सौदेबाजी के लिए कम वैकल्पिक विकल्प बचते हैं.

कहीं आतिशबाजी तो कहीं बेचैनी

गठबंधन की घोषणा के बाद डीएमडीके कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर खुशी जताई. प्रेमलता ने दावा किया कि यह गठबंधन आगामी चुनावों में 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगा. वहीं तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि ने कहा कि डीएमडीके के शामिल होने से गठबंधन और मजबूत हुआ है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, डीएमडीके का डीएमके नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस में शामिल होना राज्य की राजनीति में रणनीतिक बदलाव का संकेत है और इससे कांग्रेस की स्थिति जटिल हो सकती है. हालांकि, कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इसे गठबंधन के लिए सकारात्मक विकास बताया है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर सीटों के बंटवारे और राजनीतिक प्रभाव को लेकर चुनौतियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

बढ़त मिलने की संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि डीएमडीके का जनाधार और विजयकांत की विरासत डीएमके गठबंधन को अतिरिक्त बढ़त दिला सकती है, जिससे राज्य में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. यह गठबंधन न केवल क्षेत्रीय दलों की नई रणनीति को दर्शाता है, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन की बदलती प्रकृति को भी उजागर करता है. कुल मिलाकर, डीएमडीके और डीएमके का यह अप्रत्याशित गठबंधन आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. इससे राज्य की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज होने और गठबंधन राजनीति के नए समीकरण बनने की संभावना है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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