दो साल पहले उत्तरी 24 परगना जिले के कमरहटी में एक क्लब के अंदर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें 5-6 लोग एक जवान लड़की को दोनों हाथ और पैर पकड़ रखा था और एक शख्स उसके शरीर पर डंडा बरसा रहा था. लड़की चीख रही थी और जान बचाने की भीख मांग रही थी. इस वीडियो में टीएमसी नेता बंंगाल का नया डॉन जयंत सिंह भी था. इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया. इस वीडियो को बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने एक्स पर पोस्ट किया था. इस पोस्ट में जयंत सिंह, सिर पर सफेद दुपट्टा पहने हुए और उसका साथी लाठियों से पीटते हुए दिखाई दे रहा था. इस वीडियो के बाद बवाल मचा तो पुलिस ने टीएमसी के कद्दावर नेता जयंत सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ तीन मामले दर्ज करते हुए कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया था.
जयंत सिंह के डिक्शनरी में माफी शब्द नहीं है, जिसका हुक्म नहीं मानने पर इंसान उठता नहीं उठ जाता था. जिसकी मर्जी हो उसे धमका देता फिर वह आम लोग हो या सांसद या फिर मंत्री वह जबरन वसूली करता था. जमीन पर अवैध कब्जा करता है इसका पूरा रैकेट तब से चल रहा है जब से पश्चिम बंगाल की सियासत में टीएमसी यानी तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व कायम हुआ. वह डॉन टीएमसी से जुड़कर अपराध का नेटवर्क चलाने वाला यह नया डॉन एक समय बंगाल का नया डॉन बन गया.
जयंत सिंह कब आया था चर्चा में?
टीएमसी के बड़े-बड़े नेता विधायक और सांसदों की जब जान के लिए खतरा बना तो सरकार एक्शन में आई. दो साल पहले एक सांसद और अब एक पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक को जान से मारने की धमकी मिली तो सरकार जागी. टीएमसी नेता मदन मित्रा कभी खास था, लेकिन बाद में उन्हीं के लिए मुसीबत बन गया. मदन मित्रा ममता बनर्जी के बेहद करीबी उत्तर 24 परगना के कमर हाटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं औऱ मंत्री भी रह चुके हैं. शारदा घोटाले में जेल जा चुके हैं.
जयंत सिंह ने एख बार सांसद सौगत रॉय को धमकी दी थी और कहा था कि कमाडी से हाथ उठा लीजिए. कमाडी हम लोग को दखल करना है. यह हम लोगों का है. हमारा पार्टी का है और और ममता बनर्जी भी नहीं कर सकेंगे. डॉन के एक से बढ़कर एक कारनामे हैं. एक बार इस डॉन ने अपने गुर्ग के साथ एक छात्र और उसकी मां को बीच सड़क पर बेरहमी से पीटा था. वही डॉन जिसे विधायक मदन मित्रा का बेहद करीबी था, जो एमएलए मदन मित्रा के बेटे के साथ अपना जन्मदिन मनाता था. जयंत सिंह का खौफ इतना है कि इसके डर से कमरहाटी इलाके में कोई बोलता नहीं. तालाब के पास की खाली जमीन जहां बच्चे खेला करते थे वहां जबरन कब्जा करके एक साल के अंदर जयंत सिंह ने महल खड़ा कर दिया.
दूध बेचने वाला कैसे बन गया टीएमसी का नेता और डॉन?
जयंत सिंह पहले दूध बेचने का काम करता था उसके बाद इसने एक ठेकेदार और बिल्डर के लिए काम करना शुरू किया. धीरे-धीरे पूरे इलाके में इसने जबरन वसूली शुरू कर दी टीएमसी से जुड़ने के बाद यह मदन मित्रा के संपर्क में आया और उसके बाद इसका एक छत्र राज चलने लगा. 29 जून 2023 को आर्या द में अरित्र घोष उर्फ बंबा नाम के शख्स को उसके घर के सामने गोली मार दी गई. इस वारदात को जयंत सिंह और उसके गैंग ने ही अंजाम दिया. बंबा नाम का एक गुर्गा इसका खास हुआ करता था, लेकिन इसकी एक बात नहीं मानने पर उसके पैर में गोली मार दी. इस केस में उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन डेढ़ महीने में ही जेल से वह छूट गया.
एक साल पहले कोलकाता हाईकोर्ट ने डॉन जयंत सिंह के अवैध चार मंजिला इमारत को गिराने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट के जज ने नगर पालिका को फटकार लगाते हुए कहा था कैसे तालाब की जमीन पर इतना बड़ा मकान बन गया. कोर्ट ने आदेश दिया था कि जयंत सिंह की संपत्ति की जगह खेल का मैदान बनाया जाएगा. ये थी घर-घर गाय का दूध बेचकर अपना जीवन शुरू करने वाले जयंत सिंह की कामरहाटी में तृणमूल कांग्रेस का नेता और फिर डॉन बनने की कहानी.
