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दुनिया का सबसे सटीक शिकारी ईरान के लिए रवाना; कैसे काम करता है JDAM बम? तेहरान को खंडहर बनाकर छोड़ेंगे ट्रंप

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नई दिल्‍ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अंतिम चेतावनी देते हुए एक बार फिर दुनिया को दहला दिया है. ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर ईरान ने उनकी शर्तें नहीं मानीं तो उसे बमबारी कर वापस ‘पाषाण काल’ में भेज दिया जाएगा. इसी कड़ी में रविवार दोपहर ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड से तीन अमेरिकी B-1B लांसर भारी बमवर्षक विमानों ने उड़ान भरी है. ये विमान ‘बंकर बस्टर’ हथियारों और घातक JDAM किट से लैस हैं जिनका लक्ष्य ईरान के जमीन के नीचे छिपे परमाणु ठिकाने और तेल बुनियादी ढांचे हो सकते हैं.

क्या है JDAM और यह कितना खतरनाक है?
जिसे चर्चाओं में JDAM (Joint Direct Attack Munition) कहा जा रहा है वह दरअसल कोई साधारण बम नहीं बल्कि एक स्मार्ट किट है जो पुराने जमाने के ‘गूंगा बमों’ को अचूक शिकारी बना देती है.

· प्रेसिजन गाइडेड तकनीक: JDAM किट में GPS और एक खास नेविगेशन सिस्टम होता है. इसे बम के पिछले हिस्से (Tail) पर फिट किया जाता है. इसके पंख (Fins) हवा में बम की दिशा को ऐसे एडजस्ट करते हैं कि वह काफी ऊपर से गिरने के बाद भी अपने टारगेट से मात्र कुछ फीट की दूरी पर ही गिरता है.

· बंकर बस्टर क्षमता: B-1B लांसर विमान जिन ‘पेनिट्रेटिंग’ हथियारों को लेकर उड़े हैं वे बंकर बस्टर कहलाते हैं. ये बम जमीन या कंक्रीट की कई फीट मोटी परतों को चीरकर अंदर घुस जाते हैं और फिर धमाका करते हैं. ईरान के भूमिगत कमांड सेंटर और यूरेनियम संवर्धन प्लांट (जैसे फोर्डो) इनके मुख्य निशाने पर हैं.

· तबाही का पैमाना: एक बार लॉन्च होने के बाद इन्हें रोकना लगभग नामुमकिन है. ये खराब मौसम और घने बादलों के बीच भी अपना रास्ता खुद खोज लेते हैं.

ईरान पर हवाई प्रहार का इतिहास
हाल के हफ्तों में अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए B-52 और B-1B विमानों का लगातार इस्तेमाल किया है.

1. हालिया हमले (मार्च-अप्रैल 2026): अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के IRGC ठिकानों और मिसाइल लॉन्च पैड्स को तबाह करने के लिए क्रूज मिसाइलों और JDAM का मिश्रण इस्तेमाल किया है.

2. इंफ्रास्ट्रक्चर की तबाही: इन स्मार्ट बमों का उपयोग ईरान के बिजली घरों और पुलों को उड़ाने के लिए किया जा रहा है ताकि देश की ‘लाइफलाइन’ काटी जा सके.

3. 15 घंटे का मिशन: ब्रिटेन से उड़े ये विमान करीब 15 घंटे से ज्यादा लंबे मिशन पर हैं जिसमें हवा में ही कई बार ईंधन भरा जाएगा. यह सीधे तौर पर तेहरान के लिए खतरे की घंटी है.

क्या ईरान सच में ‘पाषाण काल’ में चला जाएगा?
ट्रंप की ‘पाषाण काल’ वाली रणनीति क्या है?

ट्रंप का लक्ष्य केवल सेना को हराना नहीं बल्कि ईरान के पूरे आधुनिक ढांचे (बिजली, इंटरनेट, तेल रिफाइनरी और संचार) को JDAM के जरिए जमींदोज करना है. बिना ऊर्जा के कोई भी देश 100 साल पीछे चला जाता है.

क्या ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम इन बमवर्षक विमानों को रोक पाएंगे?

B-1B लांसर बहुत नीचे और तेज गति से उड़ान भरने में सक्षम है जिससे रडार उसे आसानी से नहीं पकड़ पाते. साथ ही ये विमान लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस हैं जो ईरान के डिफेंस जोन में घुसे बिना ही हमला कर सकती हैं.

अगले 24 घंटों में ईरान में क्या बड़ा हो सकता है?

ब्रिटेन से विमानों के उड़ान भरने का मतलब है कि अगले 12 से 24 घंटों के भीतर ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनलों या भूमिगत सैन्य केंद्रों पर भीषण हमला हो सकता है. यह ट्रंप की ‘अंतिम चेतावनी’ का फिजिकल एक्शन है.

By uttu

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