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पब्लिक सेक्टर की कंपनी एचएएल एम्का प्रोजेक्ट से बाहर हो गई है.
HAL Out From AMCA Project: पांचवीं पीढ़ी के देसी फाइटर जेट प्रोग्राम को लेकर बड़ा अपडेट आया है. फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और अन्य विमान बनाने वाली देश की पब्लिक सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल अब इस रेस से बाहर हो गई है. ऐसा पहली बार हो रहा है जब देश के सबसे अहम फाइटर जेट प्रोजेक्ट से एचएएल बाहर हुई है. एचएएल ही तेजस श्रेणी के फाइटर जेट्स बना रही है. उसने ही प्रचंड जैसे लड़ाकू हेलीकॉप्टर को विकसित किया है और सुखोई-30 एमकेआई जैसे फाइटर जेट्स को असेंबल किया है. लेकिन, अब वह एम्का प्रोजेक्ट से बाहर हो गई है.
हिंदुस्तान टाइम्स अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर की सात कंपनियों ने मिलकर बोली लगाई थी. इसमें से तीन जरूरी शर्तों को पूरा किया. अब इनको आगे की प्रक्रिया के लिए चुना गया है. ये कंपनियां पांच एम्का प्रोटोटाइप के लिए लागत के लिए बोली लगाएंगी. इसमें से सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को इसका टेंडर दिया जाएगा.
एचएएल ने अपनी बोली में इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी शर्तों को पूरा नहीं किया. उसके साथ ही दो अन्य कंपनियां भी इस रेस से बाहर हो गई हैं. एचएएल के अलावा इस प्रोजेक्ट के लिए टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, लार्सेन एंड टुब्रो ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिडेट के साथ, गुडलक इंडिया, ब्रह्मोस एयरोस्पेस तिरुवनंतपुरम लिमिटेड और एक्सिकोड टेक्नोलॉजीज और भारत फोर्ज ने बीईएमएल के साथ साझेदारी में बोली लगाई थी.
इस प्रोजेक्ट को डीआरडीओ का एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) डेवलप कर रही है. इसके बीते साल जून में एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया था. अब इनमें से चुनी गई कंपनियां एम्का का प्रोटोटाइप डेवलप करेंगी. फिर वे फ्लाइट टेस्ट करेंगी और फिर वे देसी स्टील्थ फाइटर का सर्टिफिकेट हासिल करेंगी.
बीते साल ही सरकार ने देसी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी. इसके लिए शुरुआत में 15 हजार करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए. इसी में यह घोषणा की गई थी कि इस प्रोजेक्ट को क्रियान्वित करने में सरकारी और निजी दोनों तरह की कंपनियों को बराबर का मौका दिया जाएगा.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
