पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर बढ़ते हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और फिर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने हालात की जानकारी ली और भारत की एकजुटता जताई। इस बात की जानकारी खुद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दी।
पोस्ट में पीएम मोदी ने बताया कि इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की और भारत की चिंताओं को साझा किया। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि संघर्ष को जल्द रोकने की जरूरत है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांति स्थापित करनी चाहिए।
Had a telephone call with PM Benjamin Netanyahu to discuss the current regional situation. Conveyed India’s concerns over recent developments and emphasised the safety of civilians as a priority. India reiterates the need for an early cessation of hostilities.@netanyahu
— Narendra Modi (@narendramodi) March 1, 2026
यूएई के राष्ट्रपति से की बातचीत
उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है और इन हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है।
Prime Minister Narendra Modi tweets, “Spoke with President of the UAE, my brother Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan. Strongly condemned the attacks on the UAE and condoled the loss of lives in these attacks. India stands in solidarity with the UAE in these difficult times.… pic.twitter.com/lXr74adMfJ
— ANI (@ANI) March 1, 2026
यूएई के राष्ट्रपति का किया धन्यवाद
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उन्होंने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए राष्ट्रपति का धन्यवाद किया। यूएई में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं और रहते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार लगातार संपर्क में है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है। उन्होंने तनाव कम करने (डी-एस्केलेशन) पर जोर दिया और कहा कि सभी पक्षों को मिलकर शांति बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए।
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भारतीय नागरिक की हालत कैसी है?
हालांकि यूएई में रहने वाले भारतीय लोगों को लेकर अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि हमले में घायल भारतीय नागरिक अस्पताल में उपचार के बाद सुरक्षित है। दूतावास लगातार अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। मिशन ने कहा कि घायल भारतीय को हर संभव सहायता दी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यूएई में हमले में कितना नुकसान हुआ?
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान द्वारा किए गए हमलों में तीन लोगों की मौत हुई जबकि कुल 58 लोग मामूली रूप से घायल हुए। घायलों में कई देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें भारतीय नागरिक भी है। हमलों के दौरान कई जगहों पर मलबा गिरने और विस्फोटों से संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
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कितने मिसाइल और ड्रोन दागे गए?
इसके साथ ही यूएई सेना ने बताया कि ईरान की ओर से बड़े पैमाने पर हमले किए गए। अब तक 165 बैलिस्टिक मिसाइल, दो क्रूज मिसाइल और 541 ड्रोन दागे गए। इनमें से 506 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, जबकि 35 ड्रोन देश के भीतर गिरने से सीमित नुकसान हुआ। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हवाई हमलों को रोकने में जुटी रहीं।
