पारंपरिक खेती छोड़ सब्जियों पर दांव, गाजर-चुकंदर से किसान को हुआ बंपर मुनाफा
Vegetable Cultivation: बाराबंकी जिला मेंथा, केला और अफीम की खेती के लिए प्रसिद्ध रहा है. लेकिन अब यहां के किसान सब्जियों और फलों की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे है. बडेल गांव के युवा किसान मोनू ने गाजर और चुकंदर की खेती कर अच्छी आमदनी हासिल की है. उन्होंने करीब आधे एकड़ खेत में इन दोनों फसलों की खेती की है और एक फसल से 60 से 70 हजार रुपये तक मुनाफा कमा रहे है. मोनू का कहना है कि गाजर और चुकंदर की बाजार में सालभर मांग रहती है. इसलिए कीमत भी अच्छी मिलती है. एक बीघा में इसकी लागत लगभग 5 से 6 हजार रुपये आती है. खेती के लिए खेत की गहरी जुताई कर गोबर खाद डालकर बुवाई की जाती है. करीब दो महीने में फसल तैयार हो जाती है और इसकी ज्यादा देखरेख भी नहीं करनी पड़ती. जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है.
