Wed. Mar 18th, 2026

बंटवारे के बाद भी दिल एक! त्रिपुरा-बांग्लादेश में रोटी-बेटी का रिश्ता, CM माणिक साहा की ढाका से क्या है उम्मीद?

Tarique Rahman 2026 02 6481af7a61f6b5b696b9c941a7b0c110

होमताजा खबरदेश

‘बंटवारे के बाद भी दिल एक! त्रिपुरा और बांग्लादेश में रोटी-बेटी का रिश्ता’

Last Updated:

Tripura Bangladesh News: त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते पहले बहुत मजबूत थे और उम्मीद जताई कि आने वाली सरकार दोनों देशों के आपसी फायदे के लिए आपसी रिश्तों को फिर से ठीक करेगी और और मजबूत करेगी. साहा ने कहा, “मैंने त्रिपुरा के लोगों में खुशी देखी है क्योंकि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार बनने वाली है.”

ख़बरें फटाफट

'बंटवारे के बाद भी दिल एक! त्रिपुरा और बांग्लादेश में रोटी-बेटी का रिश्ता'Zoom

बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई वाली बीएनपी ने जीत हासिल की है. (एपी)

अगरतला. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में होने वाले राजनीतिक बदलाव पर बड़ा बयान दिया है. शनिवार को अगरतला में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि नई सरकार एक ‘नया बांग्लादेश’ बनाएगी. सीएम साहा ने उम्मीद जताई है कि भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते अब और भी बेहतर होंगे. उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के लोगों में इस लोकतांत्रिक बदलाव को लेकर काफी खुशी देखी जा रही है. मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि वहां के अच्छे हालात का असर सीधे तौर पर भारत और त्रिपुरा पर पड़ेगा. चूंकि त्रिपुरा तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा है, इसलिए पड़ोसी मुल्क की स्थिरता हमारे लिए बहुत मायने रखती है.

सीएम माणिक साहा ने मीडिया से बातचीत में अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि आने वाली सरकार एक नया बांग्लादेश बनाने में मदद करेगी.’ साहा ने बताया कि उन्होंने त्रिपुरा के लोगों के चेहरों पर खुशी देखी है. यह खुशी इसलिए है क्योंकि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार बनने वाली है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पड़ोसी देश में बदलते हालात हम सभी के लिए एक अच्छा डेवलपमेंट साबित होंगे.

भारत-बांग्लादेश का अटूट रिश्ता
मुख्यमंत्री ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर भी जोर दिया. उन्होंने याद दिलाया कि 1947 में बंटवारे के बाद भी लोगों के दिल नहीं बंटे हैं. त्रिपुरा में कई लोगों के करीबी रिश्तेदार आज भी बांग्लादेश में रहते हैं. ठीक वैसे ही, बांग्लादेश के कई लोगों के रिश्तेदार त्रिपुरा में बसे हुए हैं. साहा ने कहा, ‘त्रिपुरा और बांग्लादेश के लोगों का कल्चर, भाषा और खान-पान सब एक जैसा है.’ उन्होंने भावुक होकर कहा कि त्रिपुरा के लोग हमेशा बांग्लादेश के लोगों से दिल से प्यार करते हैं.

856 किमी. लंबा बॉर्डर और व्यापार का गणित
त्रिपुरा की भौगोलिक स्थिति बांग्लादेश के साथ बहुत गहराई से जुड़ी हुई है. त्रिपुरा तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है. राज्य का पड़ोसी देश के साथ 856 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है. त्रिपुरा में बांग्लादेशी प्रोडक्ट्स का बहुत बड़ा मार्केट है. नॉर्थ-ईस्ट के चार राज्यों में त्रिपुरा के पास सबसे ज्यादा 6 ट्रेडिंग पॉइंट हैं. इसमें दो इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) भी शामिल हैं, जिनसे रेगुलर ट्रेड होता है.

नॉर्थ-ईस्ट के लिए अहम है पड़ोसी की स्थिरता
सिर्फ त्रिपुरा ही नहीं, पूरा पूर्वोत्तर भारत बांग्लादेश से जुड़ा हुआ है. चार पूर्वोत्तर राज्य मिलकर बांग्लादेश के साथ 1,880 किमी. लंबा बॉर्डर शेयर करते हैं. इनमें त्रिपुरा (856 किमी.), मेघालय (443 किमी.), मिज़ोरम (318 किमी.) और असम (263 किमी.) शामिल हैं. इन सीमाओं पर 12 से ज्यादा बॉर्डर ट्रेड पॉइंट काम करते हैं. सीएम का मानना है कि पड़ोसी देश में अच्छे डेवलपमेंट होने से इन सभी राज्यों को फायदा होगा.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *