Bits Pilani Student Harshil Driverless Car: भारतीय मेधा ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है. बिट्स पिलानी के छात्र हर्षिल जैसवानी ने एक ऐसी ऑटोनॉमस (ड्राइवरलेस) कार विकसित की है. जिसे भारत की टेस्ला कहा जा रहा है. यह कार न केवल खुद चलती है, बल्कि सामने किसी बाधा या इंसान के आने पर सेंसर की मदद से अपने आप रुक भी जाती है. अहमदाबाद के रहने वाले हर्षिल ने इस तकनीक को आईआईटी बॉम्बे के अंतरराष्ट्रीय टेक फेस्ट में प्रदर्शित किया था. जहां उन्होंने प्रथम पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया. कार में कंप्यूटर यूनिट, एडवांस सेंसर, रडार और एआई (AI) का सटीक तालमेल बिठाया गया है. हर्षिल के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 6 लाख रुपये का खर्च आया है. ड्रोन प्रोजेक्ट में सफलता के बाद अब हर्षिल का लक्ष्य इस तकनीक को बड़े पैमाने पर मार्केट में उतारना है, ताकि आम भारतीय भी ड्राइवरलेस कार का सपना पूरा कर सकें. भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह आविष्कार एक बड़ी क्रांति का संकेत दे रहा है.

