मथुरा में ईद के मौके पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. पुलिस और खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक, गो रक्षक फरसा बाबा की सड़क हादसे में हुई मौत को सुनियोजित तरीके से हत्या बताकर अफवाह फैलाने की कोशिश की गई.
सूत्रों के अनुसार, ट्रक दुर्घटना में हुई इस मौत को कुछ अराजक तत्वों ने गो तस्करों से जोड़ते हुए इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की. पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने के लिए लगातार भ्रामक और उकसाने वाले संदेश प्रसारित किए जा रहे थे. फरसा बाबा की मौत के मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
फरसा बाबा की मौत पर क्या बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद?
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘यूपी सरकार में कहते हैं कि गाय पर खरोंच तक नहीं लग सकता, लेकिन यहां गोरक्षकों की ही हत्या कर दी जा रही है. उन्होंने कहा, यूपी सरकार की कथनी करनी में फर्क है, गोरक्षकों को अपनी शक्ति बढ़ानी पड़ेगी.
जांच में यह भी सामने आया है कि फरसा बाबा की मौत को हत्या बताकर हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की साजिश रची गई थी, ताकि ईद के दिन टकराव की स्थिति बनाई जा सके. पुलिस ने ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की है, जो इस अभियान में सक्रिय थे. अब इन अकाउंट्स और उनके नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है. फरसा वाले बाबा का शव बरसाना उनके गांव लाया गया और पुलिस ने पूरे इलाके को चारों ओर से बैरिकेड लगाकर सील कर दिया.
चश्मदीद बता रहे साजिश
चश्मदीद हरिओम ने कहा कि मैं रात में मौजूद था. हरिओम इसे एक्सीडेंट नहीं मान रहे, उनका कहना है कि इसके पीछे साजिश है. हरिओम का कहना है ट्रक ने अचानक से आकर टक्कर मारी.
उनके आश्रम में मौजूद लोगों ने बताया कि वे फरसा लेकर चलते थे और गौ सेवा, गौ रक्षा के लिए काम करते थे.
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह पूरा नैरेटिव पहले से तैयार कर सोशल मीडिया के जरिए वायरल किया गया. इसी बीच हैदराबाद के एक मौलाना के कथित बयान, ‘सड़कों पर नमाज पढ़ने से रोकने पर अंजाम भुगतने की धमकी’ को भी माहौल को संवेदनशील बनाने की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है.
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अफवाह फैलाने वालों और शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मामले पर क्या बोले डीएम?
इस मामले पर डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि फरसा बाबा की मौत हरियाणा बॉर्डर के पास सड़क हादसे में हुई थी. जिस ट्रक से दुर्घटना हुई, उसके चालक की भी मौत हो गई है. शुरुआती जांच में यह हादसा कोहरे और सड़क पर खड़े कंटेनर के कारण हुआ प्रतीत होता है.
डीएम ने कहा कि बाबा जी का जीवन गोसेवा को समर्पित रहा और उनकी असामयिक मृत्यु से क्षेत्र में शोक का माहौल है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अगर मामले में कोई अन्य तथ्य सामने आता है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जाएगी.
प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि गोवंश की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार निभाएगी और कानून व्यवस्था से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा.
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