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मिड डे मील में फर्जीवाड़ा उजागर, प्रधानाध्यापक पर जुर्माना और साधन सेवी के वेतन में कटौती

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मिड डे मील में फर्जीवाड़ा उजागर, प्रधानाध्यापक और साधन सेवी पर जुर्माना

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विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि सात दिनों के भीतर ‘बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति, सीतामढ़ी’ के बैंक खाते में जमा कराई जाए. राशि जमा करने के बाद उसका प्रमाण पत्र विभागीय कार्यालय में देना अनिवार्य होगा.

सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, थुम्मा में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. शिक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि विद्यालय प्रशासन ने कागजों पर छात्रों की संख्या वास्तविक उपस्थिति से अधिक दिखाकर योजना की राशि का अवैध उठाव किया. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राघवेंद्र मणि त्रिपाठी की जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद विभाग ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर 1 लाख 21 हजार 962 रुपये का जुर्माना लगाया है.

प्रधानाध्यापक के मासिक वेतन से वसूली
विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि सात दिनों के भीतर ‘बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति, सीतामढ़ी’ के बैंक खाते में जमा कराई जाए. राशि जमा करने के बाद उसका प्रमाण पत्र विभागीय कार्यालय में देना अनिवार्य होगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित प्रधानाध्यापक के मासिक वेतन से इसकी वसूली की जाएगी. विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की गई है.

साधन सेवी के मानदेय में 10 प्रतिशत की कटौती
इस मामले में केवल प्रधानाध्यापक ही नहीं, बल्कि स्कूलों की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है. रुन्नीसैदपुर के प्रखंड साधन सेवी (आरपी) को अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने और प्रभावी निगरानी नहीं करने का दोषी पाया गया है. इसके चलते विभाग ने उनके फरवरी 2026 के मानदेय में 10 प्रतिशत की कटौती करने का निर्देश दिया है. विभाग का मानना है कि अधिकारियों की लापरवाही या ढिलाई के बिना इस तरह की अनियमितता संभव नहीं होती.

लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं
डीपीओ स्थापना सह एमडीएम प्रभारी मनीष कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि मध्याह्न भोजन योजना सीधे तौर पर बच्चों के पोषण और उनके शिक्षा के अधिकार से जुड़ी हुई है. यह एक संवेदनशील योजना है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि जिले के अन्य विद्यालयों की भी रैंडम जांच जारी रहेगी. विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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