Bbathua Saag Jhor Recipe: मिथिलांचल के खेतों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला बथुआ केवल एक साग नहीं, बल्कि औषधीय गुणों का खजाना है. रबी के सीजन में गेहूं और मसूर के खेतों में अपने आप पनपने वाला यह साग विटामिन A, C और E से भरपूर होता है. दरभंगा के स्थानीय व्यंजनों में शामिल इसका ‘रस’ (झोर) न केवल पाचन दुरुस्त करता है, बल्कि रक्त शुद्ध करने में भी सहायक है. बथुआ को उबालकर पेस्ट बना लें. कड़ाही में तेल गरम कर अजवाइन, तेजपत्ता, लहसुन और हरी मिर्च का तड़का लगाएं. इसमें टमाटर और बेसिक मसाले (हल्दी, धनिया, गरम मसाला) भूनकर साग का पेस्ट मिलाएं. अंत में आवश्यकतानुसार गर्म पानी या मार (चावल का मांड) डालकर उबालें. यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है. कब्ज जैसी समस्याओं के लिए रामबाण. इसे गरमा-गरम चावल और चोखा के साथ परोसें. बेहतर स्वाद के लिए इसमें ऊपर से थोड़ा घी जरूर डालें. यह रेसिपी न केवल आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाएगी बल्कि शरीर को आवश्यक ऊर्जा भी प्रदान करेगी.

