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Tamil Nadu News: दक्षिण भारत में इस बार मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई है. इससे प्रदेश के डैम और अन्य जलाशयों में पानी ठीक-ठाक मात्रा में है. अब उत्तर-पूर्वी मानसून में भी अच्छी बारिश हो रही है, जिससे गर्मियों के सीजन में पानी की कमी न होने की संभावना बन गई है.
मानसून में अच्छी बारिश होने की वजह से तमिलनाडु में डैम फुल हो चुके हैं.चेन्नई. तमिलनाडु शहर के चार प्रमुख जलाशयों के भरने की वजह से जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने आंध्र प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि वह कंडालेरु बांध से कृष्णा नदी का पानी छोड़ना बंद कर दे ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके. वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, इंटरस्टेट जल-बंटवारा समझौते के तहत जुलाई और अक्टूबर के बीच चेन्नई को कृष्णा नदी से लगभग 3.7 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसीएफटी) पानी प्राप्त हुआ. आपूर्ति का पहला दौर 12 टीएमसीएफटी निर्धारित था, लेकिन उत्तर-पूर्वी मानसून से पहले अच्छी दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी बारिश के कारण स्थानीय जलाशयों में पहले से ही पर्याप्त भंडारण होने के कारण पानी छोड़ना कम कर दिया गया.
डब्ल्यूआरडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत से पहले शहर में पर्याप्त भंडारण था, इसलिए कृष्णा नदी से केवल लगभग 3 टीएमसीएफटी पानी की आवश्यकता थी.’ चार महीनों में कंडालेरू बांध से औसतन 300 से 400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. उन्होंने आगे बताया कि हाल के हफ्तों में बारिश के कारण पूंडी, रेड हिल्स और चेम्बरमबक्कम जलाशयों से भी अतिरिक्त पानी का प्रवाह हुआ है. जल संसाधन विभाग के अधिकारी ने आगे बताया कि अनावश्यक अंतर्वाह (Inflow) और संभावित अतिप्रवाह (Extra Inflow) से बचने के लिए आंध्र प्रदेश से पानी का निर्वहन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.
नहीं होगा जलसंकट
द्विपक्षीय समझौते के अनुसार, कृष्णा नदी से पानी छोड़ने का अगला चरण जनवरी और अप्रैल के बीच होने की उम्मीद है. जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आपूर्ति के लिए नया अनुरोध उस समय वर्षा के पैटर्न और जलाशय के स्तर पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त भंडारण जारी रहता है, तो दूसरे चरण में देरी हो सकती है. वर्तमान में शहर के जलाशय 85 प्रतिशत भरे हुए हैं, जिनमें कुल मिलाकर 13 टीएमसीएफटी की क्षमता के मुकाबले 11 टीएमसीएफटी पानी है. भंडारण स्तर अगले कई महीनों तक चेन्नई की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जाता है, भले ही मौसम के अंत में बारिश कम हो जाए.
भारी बारिश का असर
पिछले कुछ दिनों में जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद जल संसाधन विभाग ने शहर के जलाशयों से पानी का सुरक्षित स्तर बनाए रखने के लिए पानी छोड़ा है. पूंडी से 2,000 क्यूसेक, रेड हिल्स से 709 क्यूसेक और चेम्बरमबक्कम से 493 क्यूसेक पानी छोड़ा है. अधिकारियों ने कहा कि चल रहे पूर्वोत्तर मानसून के दौरान भंडारण और सुरक्षित आउट-फ्लो मैनेजमेंट सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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