कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदा में एक भीड़ द्वारा न्यायिक अधिकारियों का घंटों तक घेराव किये जाने की घटना को लेकर रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा और इसे सत्ताधारी पार्टी की सरकार के “महाजंगलराज” का उदाहरण बताया। मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस बंगाल में कानून-व्यवस्था का ”जनाजा निकालने” पर तुली हुई है। मोदी ने पिछले महीने चुनाव की घोषणा के बाद कूचबिहार जिले में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश ने देखा है कि मालदा में न्यायिक अधिकारियों को कैसे बंधक बनाया गया था और सवाल किया कि यह किस तरह की सरकार है जो न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और संवैधानिक प्रक्रियाओं को सुनिश्चित नहीं कर सकती! उन्होंने कहा, ”हम ऐसी सरकार से बंगाल की जनता की सुरक्षा की उम्मीद नहीं कर सकते।”
मोदी ने कहा, ”जब न्यायिक अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आप तृणमूल शासन में आम लोगों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? मालदा में जो हुआ वह तृणमूल के महाजंगलराज का एक उदाहरण है।” ममता बनर्जी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार किसी भी संवैधानिक संस्था को महत्व नहीं देती। प्रधानमंत्री ने कहा, ”क्रूर तृणमूल कांग्रेस प्रशासन के तहत बंगाल की पवित्र भूमि पर लोकतंत्र प्रतिदिन रक्तपात का शिकार हो रहा है।” मोदी ने कहा कि यहां स्थिति इतनी खराब है कि उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ”कानून-व्यवस्था की हत्या करने” पर तुली हुई है। ये टिप्पणियां मालदा जिले के कालियाचक-दो ब्लॉक विकास कार्यालय में तीन महिलाओं सहित सात न्यायिक अधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से कथित रूप से नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों द्वारा कई घंटों तक घेराव किए जाने के कुछ दिनों बाद आई हैं। भाजपा ने मालदा की घटना को लेकर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल पर अपना हमला तेज किया और आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति और घुसपैठ के माध्यम से बंगाल के भविष्य और उसकी अस्मिता को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया, ”तृणमूल कांग्रेस शासन के तहत, बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में खतरनाक जनसांख्यिकीय परिवर्तन हुआ है। इन घुसपैठियों को तृणमूल कांग्रेस के सिंडिकेट से सीधा संरक्षण मिलता है, जिससे राज्य के लोगों का जीवन खतरे में पड़ जाता है।” प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का विरोध करने का भी आरोप लगाया।
मोदी ने न्यायिक अधिकारियों के घेराव को ‘महाजंगलराज’ करार दिया
