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वेस्ट एशिया में कोहराम के बीच अब तक सुरक्षित लौटे 52 हजार भारतीय, एयरस्पेस खुलते ही शुरू हुआ महा-रेस्क्यू

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एयरस्पेस खुलते ही शुरू हुआ महा-रेस्क्यू, अब तक सुरक्षित लौटे 52 हजार भारतीय

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वेस्ट एशिया और खाड़ी देशों में बिगड़ते हालातों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के इंतजाम किए हैं. विदेश मंत्रालय ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाकर 24×7 हेल्पलाइन जारी की है. अब तक 52,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं. सरकार कमर्शियल और नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स के जरिए फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी है. यात्रियों को स्थानीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है.

एयरस्पेस खुलते ही शुरू हुआ महा-रेस्क्यू, अब तक सुरक्षित लौटे 52 हजार भारतीयZoom

वेस्ट एशिया संकट के बीच 52 हजार लोगों की वतन वापसी (File Photo : PTI)

नई दिल्ली: वेस्ट एशिया और खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदलते हालातों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. भारत सरकार वहां के घटनाक्रम पर पल-पल की नजर रख रही है. खासकर उन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, जो ट्रांजिट या छोटी यात्राओं पर वहां गए थे. सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है. इसके लिए दिल्ली में एक डेडिकेटेड स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया गया है. यह कंट्रोल रूम प्रभावित लोगों और उनके परिवारों की समस्याओं का तुरंत समाधान कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने सभी दूतावासों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. अब तक की रिपोर्ट के अनुसार स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.

खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए क्या नई गाइडलाइन आई है?

भारत सरकार ने सभी नागरिकों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है. वहां मौजूद लोगों को स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है. भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. इन हेल्पलाइन्स के जरिए किसी भी आपात स्थिति में मदद मांगी जा सकती है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे दूतावास की वेबसाइट पर लगातार अपडेट्स चेक करते रहें. बिना वजह इधर-उधर न घूमें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें. सरकार हर भारतीय की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही है ताकि मदद जल्द पहुंच सके.

कैसे 52 हजार भारतीयों ने मौत के मुंह से निकलकर वतन वापसी की?

पिछले कुछ दिनों में एयरस्पेस आंशिक रूप से खुलने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई है. 1 मार्च से 7 मार्च 2026 के बीच 52,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं. इसमें से 32,107 यात्रियों ने भारतीय एयरलाइंस का सहारा लिया है. बाकी यात्री विदेशी कमर्शियल फ्लाइट्स और नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानों के जरिए वापस आए हैं. यह आंकड़ा बताता है कि सरकार कितनी मुस्तैदी से काम कर रही है. आने वाले दिनों में और भी स्पेशल फ्लाइट्स प्लान की गई हैं. जिन देशों में अभी कमर्शियल उड़ानें बंद हैं, वहां के लोगों को पास के एयरपोर्ट तक पहुंचने की सलाह दी जा रही है.

अगर आपकी फ्लाइट कैंसिल हो गई है तो अब आगे क्या करें?

अगर आप या आपका कोई रिश्तेदार वहां फंसा है, तो सबसे पहले भारतीय दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराएं. जिन जगहों पर फ्लाइट्स उपलब्ध नहीं हैं, वहां दूतावास वैकल्पिक रास्तों की जानकारी दे रहा है. विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर कंट्रोल रूम की पूरी डिटेल मौजूद है. सरकार खाड़ी देशों की सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है. इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी भारतीय को कागजी कार्रवाई या लॉजिस्टिक की वजह से परेशानी न हो. एयरलाइंस को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे फंसे हुए यात्रियों को प्राथमिकता दें. स्थिति में सुधार होते ही उड़ानों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें

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