Jalore Unique Tradition Of Mamaji : राजस्थान के जालोर में आस्था की एक अनोखी परंपरा आज भी लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बनी हुई है. यहां लोकदेवता मामाजी को जागते हुए रक्षक के रूप में पूजा जाता है, जिन्हें पराक्रमी राजा वीरमदेव का रूप माना जाता है. मान्यता है कि युद्ध में वीरगति प्राप्त करने के बाद उनके शरीर के अंग जहां-जहां गिरे, वहां पवित्र स्थल बन गए, जो आज भी श्रद्धा के केंद्र हैं. खास बात यह है कि यहां धड़ की पूजा की जाती है, जो इस परंपरा को और भी रहस्यमयी बनाती है. स्थानीय लोग आज भी यहां से गुजरते समय वाहन का हॉर्न बजाकर मामाजी को प्रणाम करते हैं, जिसे सुरक्षा और आस्था का प्रतीक माना जाता है. लोगों का विश्वास है कि मामाजी की कृपा से जालोर चारों दिशाओं से सुरक्षित रहता है और हर संकट दूर हो जाता है.

