नई दिल्ली: हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी धाक जमाने और समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए भारत ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है. ‘जीएमसी-26’ कॉन्क्लेव के दौरान भारत समेत 14 देशों की नौसेनाओं ने हाथ मिलाया है. इस महामंथन का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर को सुरक्षित, स्थिर और पारदर्शी बनाना है. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने साफ किया कि बदलते वैश्विक खतरों के बीच अब केवल निगरानी काफी नहीं है बल्कि ‘फोकस्ड ऑपरेशन’ और ‘रियल-टाइम इंफॉर्मेशन शेयरिंग’ ही भविष्य की कुंजी है.
इस कॉन्क्लेव में बांग्लादेश, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री देशों ने हिस्सा लिया. पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश ने जोर देकर कहा कि ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और अवैध फिशिंग (IUU) जैसे अपराधों से निपटने के लिए अब एक साझा जिम्मेदारी की जरूरत है. भारत इस पूरे नेटवर्क में एक ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ यानी ‘बिग ब्रदर’ की भूमिका निभाता नजर आ रहा है जो सभी पड़ोसी देशों को तकनीक और ट्रेनिंग के मोर्चे पर साथ लेकर चलेगा.
प्लान की 5 सबसे बड़ी बातें:
1. रियल-टाइम इंटेलिजेंस एक्सचेंज: सभी 14 देश अब एक-दूसरे के साथ तुरंत जानकारी साझा करेंगे. इससे समुद्र में छिपे ‘डार्क फ्लीट्स’ (संदिग्ध जहाज) और आतंकियों की पहचान करना आसान होगा.
2. ड्रग और मानव तस्करी पर प्रहार: समुद्री रास्तों से होने वाली नशे की तस्करी और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए ‘कोऑर्डिनेटेड रिस्पॉन्स’ सिस्टम तैयार किया गया है.
3. टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पूलिंग: भारत क्षेत्रीय ट्रेनिंग रिसोर्स पूलिंग के जरिए छोटे देशों की नौसेनाओं की क्षमता बढ़ाएगा. इसमें प्रोफेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम भी शामिल होंगे.
4. IUU फिशिंग पर लगाम: हिंद महासागर में अवैध और गैर-कानूनी तरीके से होने वाली मछली पकड़ने की गतिविधियों को रोकने के लिए सैटेलाइट और रडार डेटा साझा किया जाएगा.
5. मैरीटाइम डिप्लोमेसी (सागरमाला): भारत की ‘सागर’ (SAGAR) पहल के तहत समुद्री कूटनीति को संस्थागत रूप दिया जाएगा, ताकि किसी भी आपदा या हमले की स्थिति में सभी देश एकजुट होकर जवाब दे सकें.
सवाल-जवाब
प्रश्न 1: जीएमसी-26 (GMC-26) कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सूचना साझाकरण और ट्रांसनेशनल अपराधों (जैसे तस्करी) से निपटने के लिए 14 देशों के बीच सहयोग स्थापित करना था.
प्रश्न 2: इस मिशन में कौन-कौन से प्रमुख देश शामिल हैं?
उत्तर: इसमें भारत के अलावा बांग्लादेश, इंडोनेशिया, केन्या, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड, तंजानिया, कोमोरोस और मेडागास्कर शामिल हैं.
प्रश्न 3: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने किन तीन चीजों पर जोर दिया?
उत्तर: उन्होंने आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग, आसान जानकारी शेयरिंग और फोकस्ड ऑपरेशंस के जरिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया.
प्रश्न 4: ‘डार्क फ्लीट्स’ क्या हैं और इन पर चर्चा क्यों हुई?
उत्तर: डार्क फ्लीट्स वे संदिग्ध जहाज होते हैं जो अपनी पहचान छुपाकर अवैध गतिविधियों या तस्करी में लिप्त रहते हैं. समुद्री सुरक्षा के लिए ये बड़ा खतरा हैं.
प्रश्न 5: क्या इस सहयोग से भारत की कूटनीतिक स्थिति मजबूत होगी?
उत्तर: हाँ, यह भारत की ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) पहल को मजबूती देता है और हिंद महासागर में भारत के नेतृत्व को स्थापित करता है.
