हिडमा के बाद अब देवजी का गेमओवर, आदिलाबाद के जंगलों में 17 नक्सलियों का सरेंडर
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थिप्परी तिरुपति का आत्मसमर्पण प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है. देवजी प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) का महासचिव था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देवजी के साथ सोलह और माओवादियों ने भी आदिलाबाद जिले के आसिफाबाद जंगलों में पुलिस के सामने हथियार डाल दिए.

नक्सली कमांडर देवजी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है.
हैदराबाद. तेलंगाना पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है. सीपीआई (माओवादी) के टॉप लीडर और जनरल सेक्रेटरी थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी ने सरेंडर कर दिया है. यह माओवादियों के लिए एक बहुत बड़ा झटका है. देवजी पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था. रविवार को उसने अपने 16 साथियों के साथ पुलिस के सामने हथियार डाल दिए. यह सरेंडर आदिलाबाद जिले के आसिफाबाद जंगलों में हुआ है.
देवजी माओवादियों के सबसे मोस्ट वांटेड लीडर्स में से एक था. वह तेलंगाना के उन 17 टॉप कमांडर्स में शामिल था जो सेंट्रल कमिटी के मेंबर थे. पिछले साल टॉप माओवादी लीडर बसवराजू के मारे जाने के बाद देवजी ने ही संगठन की कमान संभाली थी. पुलिस सोमवार को इन सभी माओवादियों को मीडिया के सामने पेश कर सकती है. इस सरेंडर से माओवादी संगठन पूरी तरह से हिल गया है.
माओवादियों का टॉप लीडर था देवजी
देवजी का असली नाम थिप्परी तिरुपति है. वह तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले का रहने वाला है. देवजी माओवादी संगठन की सेंट्रल कमिटी का अहम मेंबर था. पिछले साल मई में सुरक्षाबलों ने टॉप लीडर बसवराजू को मार गिराया था. उसके बाद से देवजी ही पूरे संगठन को लीड कर रहा था. उसकी गिरफ्तारी या सरेंडर पुलिस के लिए एक बड़ा टास्क था.
डीजीपी की अपील का दिखा बड़ा असर
तेलंगाना पुलिस माओवादियों को मेनस्ट्रीम में लाने की लगातार कोशिश कर रही है. पिछले महीने ही डीजीपी बी शिवधर रेड्डी ने देवजी से खास अपील की थी. डीजीपी ने देवजी को सुरक्षा और अच्छे रिहैबिलिटेशन का भरोसा दिया था. पुलिस ने एक स्पेशल स्लोगन भी जारी किया था. स्लोगन था, ‘अब और संघर्ष नहीं, अपने गांव से प्यार करो’. इसी अपील के बाद देवजी ने अंडरग्राउंड लाइफ छोड़ने का फैसला किया.
साल 2025 में 576 नक्सलियों ने डाले हथियार
तेलंगाना पुलिस की सरेंडर पॉलिसी काफी सक्सेसफुल रही है. साल 2025 में कुल 576 माओवादियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था. इसके अलावा पुलिस लगातार एनकाउंटर भी कर रही है. पिछले साल नवंबर में देवजी की सिक्योरिटी टीम के कई मेंबर अरेस्ट हुए थे. उसी दौरान टॉप कमांडर माडवी हिडमा और टेक शंकर भी मारे गए थे. देवजी के सरेंडर से पुलिस को नक्सलियों के कई बड़े सीक्रेट्स मिल सकते हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
