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West Bengal Chunav 2026: आसनसोल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि 4 मई के बाद टीएमसी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरा बंगाल ‘ 4 मई, दीदी गई’ के नारे से गूंज रहा है और यह चुनाव ‘मां, माटी, मानुष’ के असली हकदारों और टीएमसी के बीच का मुकाबला है.

बंगाल के रण में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू.
West Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जैसे-जैसे मतदान की तारीखें करीब आ रही हैं, जुबानी जंग और भी तीखी होती जा रही है. आसनसोल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद शमिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भविष्य को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली भविष्यवाणी कर दी है. भट्टाचार्य ने दावा किया कि आगामी 4 मई को जब चुनावी नतीजे आएंगे, तो ममता बनर्जी की पार्टी का अस्तित्व हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा. खुद बीजेपी के कार्यकर्ता ही पोस्टर लगाएंगे ‘4 मई दीदी गई’.
शमीक भट्टाचार्य ने आसनसोल की जनता के बीच जोश भरते हुए कहा कि इस बार बंगाल की हवा बदल चुकी है. उन्होंने कहा, ‘आज पूरे बंगाल में उत्तर से लेकर दक्षिण तक केवल एक ही भावना गूंज रही है-‘4 मई, दीदी गई’. जनता ने मन बना लिया है कि अब और अत्याचार नहीं सहा जाएगा.’ भट्टाचार्य के अनुसार, टीएमसी के शासन में भ्रष्टाचार और हिंसा ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है और 4 मई का दिन राज्य के लिए ‘मुक्ति दिवस’ साबित होगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे हर घर तक यह संदेश पहुंचाएं कि परिवर्तन अब महज कुछ दिनों की दूरी पर है.
बीजेपी अध्यक्ष ने टीएमसी के सबसे पुराने और लोकप्रिय नारे ‘मां, माटी, मानुष’ का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी पर उसे ‘हाइजैक’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘यह चुनाव दरअसल ‘मां, माटी, मानुष’ की सुरक्षा और उसे लूटने वाली टीएमसी के बीच का मुकाबला है. ममता बनर्जी ने इन तीन शब्दों की कसम खाकर सत्ता हासिल की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने मांओं का अपमान किया, माटी को सिंडिकेट के हवाले कर दिया और मानुष को वोट बैंक की मशीन समझ लिया.’ भट्टाचार्य ने जोर देकर कहा कि इस बार असली ‘मानुष’ टीएमसी को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठा है.
#WATCH | Asansol: West Bengal BJP President Samik Bhattacharya says, “… After the 4th, Chief Minister Mamata Banerjee’s party will cease to exist. One sentiment is echoing across the entirety of Bengal: ‘May 4th—Didi is gone’… This election is a contest between ‘Maa, Maati,… pic.twitter.com/LdlpF8UIoP
