5 महीनों का हिसाब कौन देगा? शराब घोटाले में बरी होने के बाद कविता ने पूछा
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दिल्ली आबकारी नीति मामले में बरी होने के बाद के. कविता ने कहा, “अदालत ने इस शराब नीति मामले में शामिल सभी लोगों को सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है, जो पिछले दो-तीन वर्षों से हमारा पीछा कर रहा था. हमने हमेशा कहा है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है. हमने हमेशा कहा है कि यह एक झूठा और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला है, और अदालत ने केवल वही साबित किया है जो हम शुरू से कहते आ रहे थे.”

हैदराबाद में अपने प्रशंसकों के साथ खुशी मनातीं के. कविता.
हैदराबाद. तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने शुक्रवार को दिल्ली आबकारी नीति मामले में बरी होने पर राहत व्यक्त की और कहा कि न्यायपालिका ने इस मामले में ‘झूठ के जाल’ को ध्वस्त कर दिया है. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता ने कहा कि वह हमेशा से यही कहती रही हैं कि यह मामला राजनीति से प्रेरित था और राजनीतिक प्रतिशोध के तहत ‘विपक्षी दलों’ पर थोपा गया था. उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, “सत्यमेव जयते. यह (मामला) झूठ का जाल था. न्यायपालिका ने इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया.”
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, के. कविता और 20 अन्य लोगों को शराब नीति मामले में बरी कर दिया और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को फटकार लगाते हुए कहा कि उसे नीति में कोई ‘‘व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा’’ नहीं मिला.
कविता ने कहा कि उनके पति, ससुराल वालों और माता-पिता सहित उनके परिवार के सदस्यों और तेलंगाना जागृति कार्यकर्ताओं ने कठिन समय में उनका साथ दिया. कविता ने समर्थन के लिए उनका आभार जताया. उन्होंने पूछा, “मेरे बच्चों के साथ जो समय मैंने खोया (उनकी पांच महीने की कैद के कारण) उसकी भरपाई कौन करेगा?” उन्होंने पूछा कि ऑनलाइन उत्पीड़न और सार्वजनिक सभाओं में (नेताओं द्वारा) की गई छींटाकशी के लिए कौन जवाबदेह होगा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपनी खुशी अपने पिता केसीआर और भाई एवं बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव के साथ साझा करना चाहेंगी, तो उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बारे में जानने के बाद उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया. कविता ने कहा, “यह नतीजा आने के बाद मैंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया. अभी दूसरी बातों पर चर्चा करने का समय नहीं है. इस मामले के दौरान मेरा साथ देने वाले सभी लोगों की मैं आभारी हूं.” कविता को इस मामले में मार्च 2024 में गिरफ्तार किया गया था और उसी साल 29 अगस्त को दिल्ली की तिहाड़ जेल से वह रिहा हुई थीं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन मामले में जमानत दे दी थी.
कविता को सितंबर 2025 में बीआरएस से निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने अपने चचेरे भाइयों और पार्टी नेताओं टी हरीश राव और जे संतोष कुमार पर बीआरएस शासन के दौरान निर्मित कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर अपने पिता की छवि को ‘खराब’ करने का आरोप लगाया था. निलंबन के बाद से वह तेलंगाना जागृति नामक सांस्कृतिक संगठन की अध्यक्षता में सार्वजनिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं. उन्होंने पिछले साल दिसंबर में यह भी घोषणा की थी कि उनका राजनीतिक मंच राज्य में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगा.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
