संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध गहराता जा रहा है। राहुल गांधी के सदन में न बोलने देने का आरोप लगाकर विपक्ष हंगामा कर रहा है और अब सत्ता पक्ष ने सदन में विपक्षी सांसदों के आक्रामक व्यवहार का मुद्दा बना लिया है। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू के ताजा बयान से तो ऐसा लगता है कि बीती 4 फरवरी को लोकसभा में काफी उग्र माहौल था। रिजिजू ने दावा किया कि उन्हें अपने सांसदों को विपक्षी सांसदों के साथ धक्का-मुक्की न करने को कहना पड़ा था।
भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी
- सोमवार को विपक्ष की महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर स्पीकर पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया था।
- जिसके बाद मंगलवार को भाजपा की महिला सांसदों ने भी लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है और लोकसभा में उग्र व्यवहार करने के लिए विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- जब इसे लेकर किरेन रिजिजू से सवाल किया गया तो उन्होंने भी विपक्षी सांसदों के रवैये की आलोचना की।
- उन्होंने कहा, भाजपा सांसद खासकर महिला सांसदों ने कांग्रेस सांसदों के रवैये के खिलाफ लोकसभा स्पीकर से शिकायत की है।
रिजिजू ने बताया 4 फरवरी को सदन में था अव्यवस्था का माहौल
- रिजिजू ने कहा, ‘कांग्रेस के सांसद सत्ता पक्ष (ट्रेजरी बेंच) की तरफ चले गए थे।’
- ‘वे प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गए। उन्होंने एक तरह से सत्ता पक्ष की बेंच का लगभग घेराव कर लिया था।’
- ‘हमें अपने भाजपा और एनडीए सांसदों को नियंत्रित करना पड़ा था। भाजपा की महिला सांसद, कांग्रेस सांसदों के इस व्यवहार से बेहद आक्रोशित थीं। हमने अपने सांसदों को धक्का-मुक्की करने से रोका।’
- ‘इसके बाद विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर में गए और उन्हें धमकाया। भाजपा की महिला सांसदों ने शिकायत की है। देखते हैं कि स्पीकर इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।’

रिजिजू ने साझा किया वीडियो
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का लोकसभा की कार्यवाही का एक वीडियो भी साझा किया है। इस वीडियो में कांग्रेस की महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास खड़े हुए नजर आ रही हैं, जबकि सत्ता पक्ष के सांसद उनसे अपनी-अपनी सीट पर जाने की अपील कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस सांसदों के हाथ में बैनर दिखाई दे रहे हैं। इस पोस्ट के साथ रिजिजू ने लिखा, ‘कांग्रेस पार्टी अपने सांसदों के सबसे निम्न स्तर के व्यवहार पर गर्व कर रही है। अगर हमने भाजपा सांसदों को नहीं रोका होता तो हालात काफी खराब हो सकते थे।’
Congress Party is proud of the most degrading behavior by their MPs !! If we had not stopped all BJP MPs and allowed the Women MPs to confront Cong. MPs, it would have led to very ugly scene.
We have very high consideration, to protect the dignity & sanctity of the Parliament. pic.twitter.com/aTmktk4Y7E
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) February 10, 2026
क्या है पूरा मामला
दरअसल 4 फरवरी को लोकसभा में प्रधानमंत्री का संबोधन होना था, लेकिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पीएम की सुरक्षा का हवाला देकर प्रधानमंत्री का संबोधन टाल दिया। लोकसभा में पीएम मोदी शाम 5 बजे बोलने वाले थे। लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, करीब 8 से 10 महिला सांसद, जिनमें कांग्रेस की तीन महिला सांसद शामिल थीं, पीएम की सीट के पास पहुंच गईं। वे बैनर लेकर खड़ी हो गईं। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। जिस पर स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया। पीएम सदन में नहीं आए और भाषण रद्द हो गया।
अगले दिन यानी 5 फरवरी को स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि 4 फरवरी को जिस तरह का लोकसभा में माहौल था, उसमें कोई भी अप्रिय और अप्रत्याशित घटना घट सकती थी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा व्यवहार संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल विपरीत था।
