Mon. Feb 16th, 2026

अमेरिकी न्याय विभाग:निखिल गुप्ता पर Doj का शिकंजा, सुरक्षा विशेषज्ञ बोले- साजिश में दिखी शौकियापन की बड़ी चूक – Doj Charges Against Nikhil Gupta Expose Alleged Amateur Espionage Plot, Say Security Officials

us department of justice 392e9a680b3a42f8f8f5ec8eb37e59a9

संयुक्त राज्य अमेरिका का न्याय विभाग (डीओजे) द्वारा निखिल गुप्ता के खिलाफ दायर आरोप-पत्र किसी हाई-प्रोफाइल जासूसी थ्रिलर की कहानी से कम नहीं है। लेकिन सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े वर्तमान और पूर्व अधिकारियों का मानना है कि अगर आरोप सही हैं, तो यह कथित ऑपरेशन बेहद शौकिया और लापरवाही से भरा हुआ था।

ट्रेडक्राफ्ट के बुनियादी नियमों की अनदेखी?

सूत्रों के मुताबिक, फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के दावों को देखें तो कथित साजिश में खुफिया कार्यप्रणाली के मूल सिद्धांतों की अनदेखी साफ दिखाई देती है। एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा किसी भी एजेंसी का मध्यम स्तर का अधिकारी भी इतने ‘रेड फ्लैग’ देखकर इस ऑपरेशन को तुरंत रोक देता। डीओजे दस्तावेजों में कथित तौर पर दिखाया गया है कि विकास यादव और निखिल गुप्ता के बीच एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर सीधे संवाद हुए। खुफिया दुनिया में हैंडलर और जमीनी संपर्क के बीच सीधा और ट्रेस होने वाला संपर्क बेहद जोखिम भरा माना जाता है।

‘कट-आउट’ की जगह सीधे संपर्क

खुफिया अभियानों में आमतौर पर डेड ड्रॉप या कट-आउट तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिसमें कई परतों के जरिए संपर्क बनाए जाते हैं ताकि किसी एक की गिरफ्तारी से पूरी कड़ी उजागर न हो। लेकिन डीओजे के अनुसार, विकास यादव ने कथित तौर पर अपना संपर्क विवरण और यहां तक कि सैन्य वर्दी में एक सेल्फी भी साझा की। इससे जांच एजेंसियों को शुरुआत में ही संभावित पहचान का सुराग मिल गया।

DEA का जाल और सीधी एंट्री

मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया। जब कथित तौर पर गुप्ता ने हिटमैन की तलाश की, तो संपर्क जिस व्यक्ति से हुआ वह दरअसल ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) का एक गोपनीय स्रोत निकला। बाद में उसी ने एक अंडरकवर एजेंट से मुलाकात कराई।

ये भी पढ़ें:- Antonio Guterres: ‘भारत दुनिया की बेहद सफल उभरती अर्थव्यवस्था’, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस का बयान

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पेशेवर एजेंसी को ऐसे एसेट्स की महीनों जांच-पड़ताल करनी चाहिए थी। इसके बजाय, घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ता गया। यहां 26/11 के आरोपी डेविड कॉलमेन हेडली (उर्फ दाऊद गिलानी) का उदाहरण भी दिया जाता है, जिसने डबल एजेंट की भूमिका निभाई थी और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के लिए जटिल हालात पैदा किए थे।

मैनहैटन में नकद लेनदेन: ‘फाइनेंशियल ऑप-सेक’ की चूक?

9 जून 2023 को कथित तौर पर $15,000 नकद राशि मैनहैटन में एक अंडरकवर एजेंट को सौंपी गई। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे फाइनेंशियल ऑप-सेक की गंभीर विफलता मानते हैं। किसी भी पेशेवर गुप्त अभियान में धन शोधन के लिए फ्रंट कंपनियों या जटिल नेटवर्क का उपयोग किया जाता है, ताकि प्रत्यक्ष नकद लेनदेन से बचा जा सके। मैनहैटन जैसे शहर में आमने-सामने नकद सौंपना संघीय निगरानी तंत्र के लिए आसान लक्ष्य बन सकता है।

निज्जर हत्याकांड के बाद भी कथित संपर्क

कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया था। आरोप है कि इसके बावजूद कथित तौर पर एक वीडियो और संदेश साझा किया गया, जिसमें न्यूयॉर्क के लक्ष्य को प्राथमिकता बताया गया।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ, तो यह किसी भी तरह की डिनायबिलिटी (इनकार की गुंजाइश) को समाप्त कर देता है और अंतरराष्ट्रीय दमन की कथा को मजबूत करता है।

गिरफ्तारी और आगे की राह

निखिल गुप्ता की गिरफ्तारी चेक गणराज्य में हुई। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह किसी बेहद जटिल जाल का परिणाम नहीं, बल्कि कथित तौर पर लगातार की गई चूकों का नतीजा हो सकता है। हालांकि, मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय अदालत के हाथ में है। लेकिन यह प्रकरण खुफिया अभियानों की जटिल दुनिया में एक उदाहरण बन सकता है- जहां एक छोटी सी चूक भी वैश्विक राजनीतिक और कूटनीतिक परिणाम ला सकती है।

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *