उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में जहां चोटियों पर बर्फबारी से सफेद चादर बिछ गई है, वहीं मैदानी इलाकों में हल्की बूंदाबादी के बावजूद तापमान लगातार बढ़ रहा है। यहां तक जम्मू-कश्मीर में भी अधिकतम तापमान आसमान छूता नजर आ रहा है और गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। दूसरी ओर पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश तथा समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा अपडेट के अनुसार उत्तराखंड के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार सक्रिय है, जिसका असर पहाड़ी जिलों में दिखाई देने लगा है। सोमवार को प्रदेश में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। 24 और 25 फरवरी को भी राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों, खासकर 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी इलाकों में सुबह-शाम ठंडी हवाएं चल सकती हैं।
मौसम के बदले मिजाज का खामियाजा जम्मू-कश्मीर के लोगों को सबसे ज्यादा भुगतना पड़ रहा है। जम्मू के साथ ही कश्मीर घाटी में भी ज्यादातर जगहों पर, खासकर मैदानी क्षेत्रों में अधिकमत तापमान सामान्य से 8-12 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर बना हुआ है। लोगों का गर्मी से बुरा हाल है। श्रीनगर में दिन का तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 9.7 डिग्री ज्यादा है। पहलगाम में 17.5 डिग्री, गुलमर्ग में 10 डिग्री, जम्मू में 25 डिग्री और कठुआ में 24 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। दिन में हल्की गर्मी महसूस हो रही है, जबकि सुबह और रात अभी भी ठंड बनी हुई है।
दिल्ली में चढ़ेगा पारा
मौसम विभाग के अनुसार अब एक मार्च तक लगातार तापमान में इजाफा होगा। 26 फरवरी तक तापमान 32 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 13-15 डिग्री के बीच रहेगा। वहीं 27 फरवरी से 1 मार्च तक अधिकतम तापमान 31-33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15-17 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश : कई जिलों में बारिश-हिमपात
आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। कुल्लू, किन्नौर और धर्मशाला में हल्की बारिश हुई, जबकि मनाली में दिन के समय धूप खिली रही। राज्य में तापमान का अंतर काफी साफ नजर आया।ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रदेश में 26-28 फरवरी के दौरान हल्की बारिश के साथ बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बाकी दिनों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
उत्तर भारत में समय से पहले गर्मी का अहसास…
उत्तर भारत में आमतौर पर होली के बाद से फिजा में गर्माहट घुलती है। लेकिन शुष्क मौसम के चलते इस बार समय से पहले ही गर्मी का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों के दौरान अभी और गर्मी बढ़ेगी और अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान पंजाब के बठिंडा में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान आंद्र प्रदेश के कुरनूल और तमिलनाडु के मदुरै प्रत्येक में 37 डिग्री सेल्सियस रहा।
पूर्वी हिस्से में तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश
पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय तेज पश्चिमी हवाएं सक्रिय है, जबकि पश्चिम असम के ऊपर ऊपरी क्षोभमंडल में चक्रवात के रूप में तेज हवा चल रही है। इसके चलते ओडिशा में सोमवार को हल्की बारिश हुई। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। मंगलवार को भी ऐसे ही मौसम की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। असम, मेघालय, गंगा के तटीय पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में वज्रपात के साथ बौछारें पड़ी। इन राज्यों में 24 फरवरी को ही ऐसा ही मौसम बना रह सकता है।
सिक्किम में बर्फबारी में फंसे 46 पर्यटक बचाए
पूर्वी सिक्किम के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक हुई भारी बर्फबारी के बीच फंसे 46 पर्यटकों को सेना के जवानों त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित निकाल लिया है। सैलानियों और स्थानीय लोगों को निकालने के लिए सेना ने रविवार को व्यापक बचाव अभियान शुरू किया था। गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि अचानक और तेज बर्फबारी के साथ शून्य से नीचे तापमान पहुंचने के कारण कई पर्यटक वाहन संवेदनशील मार्गों पर फंस गए थे। प्रतिकूल मौसम के चलते लोग खुले में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे थे।
