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पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026: 25–27 फरवरी को आयोजन

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Published on: 24-Feb-2026

विषय सूची

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित कृषि प्रदर्शनियों में से एक है, जिसका आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीन आईसीएआर–आईएआरआई द्वारा किया जाता है। यह मेला किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों, स्टार्टअप्स, छात्र-छात्राओं और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहाँ वे कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधान, तकनीकी नवाचारों और उन्नत खेती पद्धतियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी आय में वृद्धि करना तथा भारतीय कृषि को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाना है। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में देशभर से हजारों किसान और कृषि विशेषज्ञ भाग लेते हैं। यहाँ प्रदर्शित तकनीकें और मॉडल सीधे खेत स्तर पर उपयोगी होते हैं, जिससे किसान उन्हें अपनाकर अपनी उत्पादकता और लाभ में वृद्धि कर सकते हैं।            

मेले की थीम और विशेष फोकस

इस वर्ष मेले की थीम “विकसित कृषि – आत्मनिर्भर भारत” रखी गई है, जो देश की कृषि को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही 2026 को महिला किसानों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में विशेष महत्व दिया गया है। मेले में महिला किसानों की भूमिका, उनकी उपलब्धियों और कृषि उद्यमिता में उनके योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा।

महिलाओं और युवाओं को कृषि आधारित स्टार्टअप, मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग, एग्री-बिजनेस और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि वे कृषि को रोजगार और व्यवसाय के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें।

प्रमुख आकर्षण और विशेषताएं

  • पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 में सरकारी कृषि योजनाओं और नीतियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसान विभिन्न अनुदान, सब्सिडी और योजनाओं का लाभ उठा सकें। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों और फसल विविधीकरण पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
  • इसके अतिरिक्त डिजिटल कृषि, स्मार्ट खेती तकनीक, ड्रोन उपयोग, सेंसर आधारित सिंचाई प्रणाली और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। किसान उत्पादक संगठन (FPO), कृषि विपणन रणनीतियों और कृषि स्टार्टअप्स के मॉडल भी प्रदर्शित होंगे, जिससे किसानों को बाजार से सीधे जुड़ने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
  • मेले में पूसा की उन्नत बीज किस्मों की बिक्री और फसलों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया जाएगा। किसान यहाँ नई विकसित किस्मों को देख, समझ और खरीद सकेंगे। साथ ही, किसानों द्वारा किए गए सफल नवाचारों को भी मंच प्रदान किया जाएगा, जिससे अन्य किसान प्रेरणा ले सकें।

किसे भाग लेना चाहिए?

यह मेला विशेष रूप से उन किसानों और किसान उत्पादक संगठनों के लिए लाभकारी है जो आधुनिक तकनीकों और नई किस्मों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं। कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए यह नेटवर्किंग और व्यवसाय विस्तार का उत्कृष्ट अवसर है। कृषि शोधकर्ता और छात्र यहाँ नवीनतम अनुसंधान और प्रौद्योगिकियों से अवगत हो सकते हैं।

इसके अलावा, इनपुट आपूर्तिकर्ता, कृषि-व्यापार कंपनियाँ, नीति निर्माता और कृषि विस्तार पेशेवर भी इस आयोजन में भाग लेकर नई साझेदारियाँ और सहयोग के अवसर तलाश सकते हैं।

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और सहयोग का महाकुंभ है। यह मेला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने, महिलाओं और युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने और भारत को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जो भी व्यक्ति कृषि के भविष्य से जुड़ना चाहता है, उसके लिए यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी सिद्ध होगा।

तिथियां: 25 – 27 फरवरी 2026

थीम: विकसित कृषि – आत्मनिर्भर भारत

विशेष ध्यान: महिला किसानों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष

आयोजन स्थल: ICAR – Indian Agricultural Research Institute (आईएआरआई), नई दिल्ली – 110012

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By uttu

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