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CBSE बोर्ड एग्जाम के लिए कौन सेट करता है पेपर? कैसे होता है उनका सेलेक्शन…  – how cbse board exam papers are set know qualification ngix 

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इस समय देशभर में CBSE बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं. कभी कोई पेपर इजी आता है तो, कभी बहुत कठिन. जब पेपर टफ आता है, तो सबसे पहले बच्चों के दिमाग में एक ही बात आती है कि आखिर इस पेपर को किसने सेट किया है? या इसके पीछे क्या प्रोसेस होता है, तो चलिए जान लेते हैं इसके बारे में. इन पेपर्स को सेट करने के लिए महीनों तक प्लानिंग होती है. इसके बाद से मीटिंग्स का दौर चलता है फिर एक्सपर्ट्स की निगरानी में इन बोर्ड पेपर को तैयार किया जाता है. हालांकि, पेपर सेट करने वालों को भी इस बात की भनक नहीं होती है कि उनका सेट किया पेपर अगली सुबह एग्जाम में आएगा या नहीं. 

ऐसे सेट होते हैं बोर्ड के पेपर 

CBSE बोर्ड की परीक्षाओं में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पेपर को सेट करने प्रक्रिया इतनी सीक्रेट रखी जाती है कि पेपर लीक होने की गुंजाइश नहीं रहती है. बता दें कि CBSE पेपर सेट करने के लिए डायरेक्ट तौर पर किसी व्यक्ति को नियुक्त नहीं करता है बल्कि ये पेपर सेटर्स, मॉडरेटर, सीक्रेसी ऑफिसर, हेड एग्जामिनर और एग्जामिनर की ओर से तैयार की जाती है. इनकी नियुक्ति चेरमैन करते हैं और यह नियमावली और बाइलॉज के प्रावधानों के अनुसार होती है. बाइलॉज 47 से 55 के नियमों के मुताबिक, चेरमैन किसी भी खास वजह से नियमों में बदलाव के साथ किसी को नियुक्त कर सकते हैं. इसका साफ मतलब है कि CBSE के पेपर बनाने और मूल्यांकन करने की पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की टीम और अध्यक्ष की देखरेख में होती है. 

नहीं होना चाहिए कोई रिलेशन 

बोर्ड इस बात को साफ करता है कि किसी भी व्यक्ति को पेपर सेटर्स, मॉडरेटर, चीफ सीक्रेसी ऑफिसर, सीक्रेसी ऑफिसर, हेड एग्जामिनर या कोऑर्डिनेटर के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा, अगर उसका रिलेशन उस साल बोर्ड की ओर से आयोजित परीक्षा में शामिल हो रहा हो या पहले शामिल हो चुका हो. इनमें पत्नी-पति, बेटे- बेटियां समेत परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं. यानि कि बोर्ड यह सुनिश्चित करता है कि परीक्षा और पेपर सेटिंग में कोई भी रिलेशन का टकराव न हो. 

किस तरह नियुक्त होते हैं पेपर सेटर्स?

पेपर सेट करने वाले व्यक्ति के पास संबंधित विषय या उससे जुड़े विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है. इसके साथ ही उनके पास कम से कम 10 साल का टीचिंग अनुभव होना चाहिए. यानि पेपर सेट करने वाले व्यक्ति के पास या तो माध्यमिक/वरिष्ठ माध्यमिक/कॉलेज स्तर पर पढ़ाने का अनुभव होना चाहिए या फिर राज्य या राष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों में काम करते हुए शिक्षक प्रशिक्षण या अध्ययन सामग्री बनाने/रिसर्च करने का अनुभव होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर सेट करने वाले शख्स को घोषणा (Declaration) देना होता है. 

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By uttu

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