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शवयात्रा पर टूटा मधुमक्खियों का कहर, शव छोड़कर खेतों में भागे रिश्तेदार – bees attack on villagers during funeral in unnao two dozen injured LCLAR

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में अंतिम संस्कार के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मधुमक्खियों ने शवयात्रा में शामिल ग्रामीणों पर अचानक हमला कर दिया. मधुमक्खियों के हमले से लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और शव को वहीं छोड़ना पड़ा. इस घटना में करीब दो दर्जन ग्रामीण घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

मामला अजगैन कोतवाली क्षेत्र के अहिमाखेड़ा गांव का है. यह रहने वाले 65 साल के सुंदर लाल की गुरुवार सुबह मौत हो गई थी. परिजन और ग्रामीण उनका अंतिम संस्कार करने के लिए शव को गांव के बाहर स्थित उनके खेत में लेकर गए थे. ग्रामीणों के अनुसार, खेत के पास एक बाग है, जहां एक पेड़ पर बड़ी मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ था. जब शवयात्रा लेकर ग्रामीण खेत पहुंचे, तभी अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. मधुमक्खियों के हमले से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई.

ग्रामीणों पर मधुमक्खियों ने किया हमला

बताया गया कि शवयात्रा में करीब 50 से 60 ग्रामीण शामिल थे. जैसे ही मधुमक्खियों ने हमला किया, लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे. कोई सरसों के खेत में घुस गया तो कोई गेहूं के खेत और झाड़ियों में छिप गया. बावजूद इसके मधुमक्खियों के हमले से करीब दो दर्जन लोगों को डंक लग गए.

घटना की सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने सभी का इलाज किया और उन्हें इंजेक्शन व दवाइयां दी गईं. घटना में घायल हुए मिलन और नौमी लाल ने बताया कि मृतक सुंदर लाल के अंतिम संस्कार के लिए सभी लोग शव को खेत लेकर गए थे.

घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया 

खेत के पास एक बाग में खिन्नी का पेड़ है, जिसमें मीठे फल लगते हैं, जो देखने में जामुन जैसे लगते हैं. उसी पेड़ पर बड़ी मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ था. जैसे ही शव खेत पहुंचा मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया और सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे. 

ग्रामीणों के अनुसार, सुंदर लाल करीब 15 से 20 दिन पहले अपनी रिश्तेदारी में गए थे, जहां वह गिर पड़े थे. गिरने से उनका पैर टूट गया था और तब से उनकी हालत खराब थी. दर्द के कारण वह चल फिर नहीं पा रहे थे. ग्रामीणों का कहना है कि उनका सही तरीके से इलाज नहीं हो पाया, जिसके कारण गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई. बाद में जब स्थिति सामान्य हुई और मधुमक्खियां शांत हुईं तो ग्रामीण दोबारा मौके पर पहुंचे और अंतिम संस्कार किया गया.

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By uttu

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