Sat. Mar 7th, 2026

हमीरपुर के सीताराम की देह मेडिकल कॉलेज को डोनेट, परिवार ने बैंड-बाजों के साथ रवाना की एंबुलेंस

Untitled design 1 2026 03 67902b296dce3de130a929b7e936af3d

होमताजा खबरuttar-pradesh

हमीरपुर में अनोखा देहदान, परिवार ने बैंड-बाजों के साथ रवाना की एंबुलेंस

Last Updated:

सीताराम बीएसएनल विभाग से रिटायर्ट हुए थे. सीताराम के बेटे विनोद खावला ने बताया कि उनके पिता ने करीब दो वर्ष पहले ही अपने इस निर्णय की जानकारी हमें दे दी थी. परिजनों ने सामाजिक रीति रिवाजों और धर्म का हवाला देकर उनसे इस निर्णय पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया, लेकिन वे माने नहीं. विनोद के मुताबिक, पिता की समाज के प्रति समर्पण की इस भावना के आगे पूरा परिवार नतमस्तक हो गया. ग्रामीणों ने उनकी इस पहल का स्वागत करते हुए शव को लाने गई एंबुलेंस का रथ के रूप में खींचकर सम्मान दिया.

हमीरपुर में अनोखा देहदान, परिवार ने बैंड-बाजों के साथ रवाना की एंबुलेंसZoom

एंबुलेंस को रवाना करते परिजन.

हमीरपुर. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में अनूठा नजारा देखने को मिला. डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को देहदान दान कर सीताराम ने अनुकरणीय मिसाल पेश की है. उन्होंने जीवंतकाल में ही अपना देह को मेडिकल कॉलेज के लिए दान कर दिया था, ताकि यह भावी एमबीबीएस प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण में काम आ सके. शुक्रवार को सुबह के समय उनका देहांत हो गया. इसके बाद पार्थिव देह को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंचाया गया है. ग्रामीणों ने उनकी इस पहल का स्वागत करते हुए शव को लाने गई एंबुलेंस का रथ के रूप में खींचकर सम्मान दिया.

बैंड बाजों के साथ पार्थिव देह को एंबुलेंस में रखा गया. नादौन के कोहला गांव निवासी 79 वर्षीय सीताराम पुत्र मुंशीराम ने अपना देहदान कर रखा था. शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे उनका निधन हो गया. इसके उपरांत घर पर सारे रस्मों रिवाज पूर्ण करने के बाद परिजनों ने पार्थिव देह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और नम आंखों से उसे हमीरपुर मेडिकल कॉलेज रवाना किया. सीताराम बीएसएनल विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे. सीताराम के बेटे और नादौन के प्रसिद्ध उद्यमी विनोद खावला ने बताया कि उनके पिता ने करीब दो वर्ष पहले ही अपने इस निर्णय की जानकारी परिजनों को दी थी. पहले तो परिजनों ने सामाजिक रीति रिवाजों सहित धर्म और संस्कृति का हवाला देकर उनसे इस निर्णय पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया लेकिन पिता की समाज के प्रति समर्पण की इस भावना के आगे पूरा परिवार नतमस्तक हो गया.

क्या बोला मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज के एनाटोमी विभाग के चिकित्सक डॉ. हरविंदर ने इस देहदान के लिए मृतक के परिजनों का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने बताया कि यह बॉडी एमबीबीएस प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं के अध्ययन में काम आएगी. देहदान महादान है. एमबीबीएस प्रशिक्षु इसके माध्यम से अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई करते हैं.

About the Author

authorimg

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *