संसद में टकराव के आसार! विपक्ष ने ओम बिरला की कुर्सी को दी चुनौती
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लोकसभा में ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव 7 मार्च को पेश होगा. प्रस्ताव तीन कांग्रेस सदस्यों मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि द्वारा लाया जाएगा. प्रस्ताव में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं देने और ‘विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ अनुचित आरोप लगाने’ में अध्यक्ष के आचरण पर सवाल उठाया गया है.

लोकसभा में ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने से संबंधित प्रस्ताव पेश किया जा सकता है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. लोकसभा ने ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने से संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी सदस्यों के एक नोटिस को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया है. पीठासीन सभापति द्वारा बुलाए जाने पर सदन के 50 सदस्यों को खड़ा होना होगा और फिर नोटिस स्वीकृत माना जाएगा. इसके बाद प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होगा. यदि 50 सदस्य नोटिस के समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है. सोमवार के लिए तय एजेंडा पेपर के अनुसार, यह प्रस्ताव ही दिन के कामकाज के रूप में सूचीबद्ध एकमात्र विषय है.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने हाल ही में ‘पीटीआई’ को बताया था कि यह प्रस्ताव नौ मार्च को सदन के सामने आएगा. नोटिस तीन कांग्रेस सदस्यों मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि द्वारा पेश किया जाएगा. बता दें कि विपक्ष के 100 से ज्यादा सदस्यों ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव का नोटिस दिया था.
भाजपा ने लोकसभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया
दूसरी ओर, भाजपा ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया, जिसमें उन्हें अगले हफ्ते सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है, जब बजट सेशन का दूसरा फेज शुरू होगा. पार्टी की ओर से कहा गया है कि 9-10 मार्च को सदन में बहुत महत्वपूर्ण विधायी कार्य पर चर्चा होगी और इसलिए उनकी उपस्थिति आवश्यक है. लोकसभा में सभी भाजपा सांसदों को ये निर्देश ऐसे समय में दिए गए हैं जब सदन में विपक्ष के खिलाफ कथित भेदभाव और एकतरफा रवैये को लेकर स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है.
कांग्रेस ने भी जारी किया व्हिप
कांग्रेस और विपक्ष स्पीकर के राहुल गांधी के प्रति कथित भेदभाव से गुस्से में थे, उन्होंने उन पर कई आरोप लगाए, जिसमें दावा किया गया कि विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने का मौका नहीं दिया गया, गलवान में झड़प के दौरान चीनी सैनिकों के ‘आगे बढ़ने’ की खतरनाक रिपोर्ट उठाने का उनका अधिकार छीन लिया गया और जब विपक्ष ने इसका विरोध किया, तो उनमें से आठ को सस्पेंड कर दिया गया. खास बात यह है कि बीजेपी के साथ ही कांग्रेस पार्टी ने भी अपने लोकसभा सांसदों को ऐसा ही व्हिप जारी किया है, जिसमें उन्हें 9 मार्च से 11 मार्च तक तीन दिनों के लिए सदन में मौजूद रहने को कहा गया है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
