स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी यात्रा के दूसरे दिन रायबरेली पहुंचे, जहां उन्होंने यश राकेश पांडे के आवास पर रात्रि प्रवास किया. यश पांडे ऊंचाहार से भाजपा समर्थित विधायक मनोज पांडे (SP) के भतीजे हैं. यश ने अपनी ही सरकार और चाचा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्वामी जी के आदेशों का पालन करने का संकल्प लिया. दूसरी ओर, अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश में बीफ एक्सपोर्ट में नंबर वन होने और इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बीफ कंपनियों से चंदा लेने के गंभीर आरोप लगाए. इसके आलावा उन्होंने रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष महाराज पर हुए कथित हमले को खुद को बदनाम करने की साजिश करार दिया है.
चाचा मनोज पांडे पर यश का तीखा हमला
यश राकेश पांडे ने अपने विधायक चाचा मनोज पांडे पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें ‘धोखेबाज’ करार दिया. यश ने कहा कि जो व्यक्ति अपने भाई, जनता और अपनी ‘मां’ समान पार्टी का सगा नहीं हुआ, वह किसी का नहीं हो सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता की मृत्यु के समय मनोज पांडे ने दुख की घड़ी में ‘आपदा में अवसर’ तलाश कर राजनीतिक लाभ लिया. यश ने साफ किया कि वह सत्य के साथ हैं, सत्ता के साथ नहीं, और हर हाल में स्वामी जी के साथ खड़े रहेंगे.
बीफ एक्सपोर्ट और चंदे पर अविमुक्तेश्वरानंद के आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश बीफ एक्सपोर्ट में देश में नंबर वन है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2012 से 2019 के बीच राज्य में 15 से 18 लाख गायें कम हो गई हैं. स्वामी जी ने कड़े शब्दों में कहा कि गौ हत्यारों का नोट और गौ भक्तों का वोट अब एक झोली में नहीं रहेगा. उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भाजपा को बीफ कंपनियों से चंदा मिलने की बात कहते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए.
हमले के आरोपों पर स्वामी की सफाई
रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष महाराज पर हुए हमले के आरोपों को स्वामी जी ने खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ट्रेन में सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की होती है. उन्होंने संदेह जताया कि बाथरूम से निकलने के बाद हमले की बात कहना केवल एक मोहरा बनकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश है. स्वामी जी ने स्पष्ट किया कि वे शारीरिक हिंसा के पक्षधर नहीं हैं और आरोपों का जवाब केवल तर्कों से देंगे. उन्होंने 11 मार्च के लखनऊ कार्यक्रम के लिए अनुमति न मिलने की स्थिति में सरकार को चेतावनी भी दी.
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