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हैदराबादी बिरयानी का असली सीक्रेट! ‘पत्थर के फूल’ डालते ही बदल जाता है स्वाद, जानिए इसका आयुर्वेदिक राज

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Hyderabadi Biryani Secret Spice: हैदराबादी बिरयानी के लाजवाब स्वाद और खुशबू के पीछे एक खास मसाले का बड़ा योगदान होता है, जिसे पत्थर का फूल या दगड़ फूल कहा जाता है. यह एक प्राकृतिक लाइकेन है, जो सूखे फूल जैसा दिखाई देता है और बिरयानी, मसालेदार ग्रेवी और कई पारंपरिक व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है. पत्थर के फूल का स्वाद हल्का स्मोकी और मिट्टी जैसा होता है, जो खाने की खुशबू को कई गुना बढ़ा देता है. आयुर्वेद में भी इसे औषधीय गुणों वाला माना गया है और पाचन व स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है.

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हैदराबाद: निजामों के शहर हैदराबाद की बिरयानी अपनी अनूठी खुशबू और स्वाद के लिए दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन इस ज़ायके के पीछे केवल मांस और चावल का मेल नहीं बल्कि मसालों का एक गहरा विज्ञान है. आज भी शहर के पुराने इलाकों जैसे चारमीनार और लाड बाज़ार के कुछ पारंपरिक मसाला विक्रेता अपनी सीक्रेट बिरयानी मसाला रेसिपी में पत्थर के फूल जैसी दुर्लभ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करते हैं. यह एक ऐसा मसाला है जो न केवल स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी औषधि समान है.

पत्थर का फूल जिसे आयुर्वेद में शैलेय और बोलचाल की भाषा में दगड़ फूल या कल्पसी कहा जाता है, वास्तव में एक प्रकार की वनस्पति है. यह मुख्य रूप से ऊंचे पहाड़ों की चट्टानों या पेड़ों की छाल पर उगता है. देखने में सूखे पत्तों जैसा दिखने वाला यह मसाला जब गर्म घी या तेल के संपर्क में आता है तो एक बहुत ही सोंधी और अर्दी खुशबू छोड़ता है. हैदराबाद के मसाला बिक्री करने वालों का कहना है कि इसी मसाले की बदौलत हैदराबादी बिरयानी में वह खास स्मोकी सुगंध आती है जो किसी अन्य शहर की बिरयानी में नहीं मिलती.

उबाल कर काढे की तरह पी सकते हैं
बिरयानी को अक्सर भारी भोजन माना जाता है लेकिन इसमें पत्थर के फूल का इस्तेमाल इसे संतुलित बनाता है. यह मसाला पेट की गर्मी को संतुलित करता है, जिससे मसालेदार भोजन भी आसानी से पच जाता है. यह गैस और अपच जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है. पत्थर के फूल में डाइयुरेटिक्स गुण होते हैं जो शरीर से खराब पदार्थों को बाहर निकालने और किडनी की सेहत बनाए रखने में मदद करते हैं. इसमें सूजन कम करने वाले तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के आंतरिक अंगों के लिए फायदेमंद होते हैं. इससे आप उबाल कर काढे की तरह पी सकते हैं.

खान-पान को रॉयल बनाया
हैदराबाद की पुरानी गलियों में कई ऐसी दुकानें हैं जो पांच पीढ़ियों से मसाला कूटने का काम कर रही हैं. यहाँ के दुकानदारों का कहना है कि आज के दौर में जहां मशीनी मसालों का चलन बढ़ा है वहीं वे आज भी दुर्लभ जड़ी-बूटियों को सिलबट्टे पर कूटकर तैयार करते हैं. उनके अनुसार पत्थर का फूल केवल एक मसाला नहीं, बल्कि हैदराबाद की उस विरासत का हिस्सा है जिसने यहाँ के खान-पान को रॉयल बनाया है.

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Jagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

By uttu

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