क्या भारत रुकवा सकता है ईरान और अमेरिका-इजरायल की जंग? 5 प्वॉइंट में पूरी बात
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वेस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया को गहरे आर्थिक संकट में डाल सकता है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी इस जंग के बीच अब शांतिदूत के रूप में भारत का नाम सबसे ऊपर आ रहा है. फिनलैंड के राष्ट्रपति से लेकर ग्लोबल एक्सपर्ट्स तक का मानना है कि केवल भारत ही वह शक्ति है, जो इन तीनों देशों को एक मेज पर ला सकती है. आखिर सबको भारत से ही यह लड़ाई सुलझाने की उम्मीद क्यों है?

ग्लोबल लीडर्स बोले- ‘सिर्फ मोदी ही रुकवा सकते हैं जंग’ (AI Photo)
नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष को शुरू हुए तीन हफ्ते बीत चुके हैं. अभी तक कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में दुनिया के रणनीतिक हलकों में भारत का नाम एक मध्यस्थ के रूप में तेजी से उभर रहा है. हालांकि नई दिल्ली ने आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई पेशकश नहीं की है. इसके बावजूद राजनयिकों और विश्लेषकों का मानना है कि भारत के पास वह दुर्लभ क्षमता है, जिससे वह सभी पक्षों से बात कर सकता है. फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने हाल ही में ब्लूमबर्ग से बातचीत में एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘हमें तत्काल युद्धविराम की जरूरत है. मैं सोच रहा हूं कि क्या भारत इसमें शामिल हो सकता है. हमने देखा है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तनाव कम करने के लिए युद्धविराम की अपील की है.’ उनका यह बयान उन तमाम आवाजों में शामिल हो गया है, जो भारत को इस तनाव को कम करने के लिए सबसे उपयुक्त देश मानती हैं.
1. भारत की वह ताकत जो सभी पक्षों को जोड़ती है
- भारत की सबसे बड़ी खूबी यह है कि उसके तीनों मुख्य खिलाड़ियों के साथ काम करने वाले रिश्ते हैं. हाल के सालों में नई दिल्ली ने इजरायल के साथ रक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में गहरे संबंध बनाए हैं. वहीं दूसरी ओर, ईरान के साथ भारत के पुराने सभ्यतागत और आर्थिक जुड़ाव बरकरार हैं. इसके अलावा, अमेरिका के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी व्यापार और रक्षा के क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है.
- कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने टकर कार्लसन से बातचीत में तर्क दिया कि भारत की निष्पक्षता उसे बढ़त दिलाती है. उन्होंने कहा, ‘इस युद्ध को रोकने के लिए हमें एक बिचौलिए की जरूरत है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे बेहतर विकल्प हैं.’ उनके अनुसार पीएम मोदी के संबंध ईरान और इजरायल दोनों से अच्छे हैं. भारत इस युद्ध में किसी भी तरह से शामिल नहीं है. वह एक ऐसा तटस्थ देश है, जिसकी ताकत और प्रभाव दुनिया में लगातार बढ़ रहा है.
2. ‘मोदी का एक फोन कॉल वाकई युद्ध रोक सकता है’
- भारत में यूएई के पूर्व दूत हुसैन हसन मिर्जा ने भी भारत की भूमिका पर बड़ा भरोसा जताया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत एक महान देश है. पीएम मोदी का कद इतना बड़ा है कि उनका महज एक फोन कॉल ही युद्ध रुकवा सकता है. उनके अनुसार अगर मोदी इजरायल और ईरान दोनों को रुकने के लिए कहेंगे, तो वे उनकी बात को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे. यह भारत की बढ़ती कूटनीतिक साख का ही प्रमाण है कि खाड़ी देश भी अब भारत की ओर उम्मीद से देख रहे हैं.
American veteran and foreign policy commentator Col. Douglas Macgregor on the Tucker Carlson show:
We need an intermediary to stop the war. Trump should call PM Modi & take his help to end the Iran War. He is one world leader respected by all involved parties. pic.twitter.com/GC5MCkztqa— 𝗗𝗘𝗙𝗘𝗡𝗦𝗘 𝗗𝗔𝗚𝗚𝗘𝗥 (@DefenseDagger) March 12, 2026
