Aaj Ka Mausam Live: देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है. देश की राजधानी दिल्ली से लेकर पटना, रांची, रायपुर और भोपाल तक में बढ़ती गर्मी के बीच राहत की बारिश हुई है और मौसम सुहावना हो गया है. कई राज्यों में मार्च में तापमान इतना बढ़ गया था कि लोग परेशान हो गए थे. इस बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है. तेज गर्मी के बीच अब आसमान में काले बादल छा रहे हैं. हवाएं रफ्तार पकड़ रही हैं. और मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी लोगों को और राहत पहुंचा रही है. IMD ने साफ कहा है कि 20 मार्च से देश के 19 राज्यों में तूफानी बारिश और आंधी का दौर शुरू होगा. 70 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. यह सिर्फ बारिश नहीं है. यह एक वेदर सिस्टम है जो उत्तर से पूर्व और मध्य भारत तक असर दिखाएगा. किसानों से लेकर आम लोगों तक, सभी को सतर्क रहने की जरूरत है.
- देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यह बदलाव एक बड़े पश्चिमी विक्षोभ और नमी से भरे सिस्टम के सक्रिय होने से जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत में एक साथ बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. तापमान में गिरावट जरूर आएगी और इससे कुछ दिनों के लिए गर्मी से राहत मिलेगी. लेकिन अस्थिर मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित रहेगा. खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और खेती पर इसका असर ज्यादा दिख सकता है.
- मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे सिस्टम का असर 20 मार्च से शुरू होकर अगले 3 से 5 दिनों तक बना रहेगा. इस दौरान अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तीव्रता से मौसम बदलेगा. कहीं हल्की बारिश होगी तो कहीं तेज तूफान और ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है. खासकर उन इलाकों में जहां गेहूं और अन्य फसलें तैयार हैं, वहां यह मौसम बड़ा नुकसान कर सकता है. ऐसे में किसानों को सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है.
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम का असर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा. (फाइल फोटो)
दिल्ली-NCR में मौसम का बदला मिजाज
यूपी और उत्तराखंड में तेज आंधी-बारिश
- उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम का असर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा. कानपुर, आगरा, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, सहारनपुर और मथुरा जैसे जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ तेज हवाएं चलेंगी और कई जगहों पर बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. लखनऊ समेत कई शहरों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी, इससे तापमान में गिरावट आएगी.
- उत्तराखंड में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. यहां पहाड़ी इलाकों में तेज हवाएं और बारिश मिलकर जोखिम बढ़ा सकती हैं. हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है, जबकि झोंके 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं. देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और टिहरी जैसे जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं.
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदल रहा है. (फाइल फोटो)
हिमाचल प्रदेश में बर्फीली हवाओं के साथ बारिश
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदल रहा है. शिमला, मनाली, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जैसे इलाकों में 20 और 21 मार्च को तेज बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. यहां तेज हवाओं के साथ तापमान में भारी गिरावट आ सकती है. कई जगहों पर बर्फीली हवाएं चलने से ठंड का असर बढ़ेगा. पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि सड़कों पर फिसलन और ट्रैफिक बाधित होने का खतरा रहेगा.
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम का रौद्र रूप
- बिहार में 20 मार्च को भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी जैसे जिलों में तेज बारिश के साथ 50-60 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं. इससे बिजली आपूर्ति और यातायात प्रभावित हो सकता है.
- झारखंड में भी मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है. यहां 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है. गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इससे जान-माल का खतरा बना रहेगा.
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले 3 से 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं. इससे खेती और ट्रांसपोर्ट दोनों प्रभावित हो सकते हैं.
मध्य प्रदेश और राजस्थान में अलर्ट
- मध्य प्रदेश में अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम अस्थिर रहेगा. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. इससे फसलों को नुकसान हो सकता है और किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.
- राजस्थान के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में भी बारिश और आंधी का असर दिखेगा. जयपुर, बीकानेर, जैसलमेर, पाली और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है.
महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में भी बदलेगा मौसम
पश्चिमी भारत में भी मौसम करवट ले रहा है. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य हिस्सों में 20 और 21 मार्च को बारिश और आंधी की संभावना है. हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है. गुजरात में भी बादल गरजने और हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि गोवा में बिजली कड़कने और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है. इससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है.
राजस्थान के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में भी बारिश और आंधी का असर दिखेगा. (फोटो AI)
दक्षिण भारत में भी बारिश के आसार
दक्षिण भारत में भी मौसम का असर दिखेगा, हालांकि यहां स्थिति कम गंभीर होगी. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. मौसम में बदलाव से तापमान थोड़ा कम होगा और उमस में कमी आएगी.
IMD ने 85 किमी/घंटा हवा की चेतावनी क्यों दी है?
यह चेतावनी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नमी वाले सिस्टम के टकराने के कारण दी गई है. इससे तेज दबाव अंतर बनता है, जो हवाओं को तेज कर देता है और आंधी-तूफान की स्थिति पैदा करता है.
किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
किसान, निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर, यात्री और खुले इलाकों में रहने वाले लोग ज्यादा जोखिम में हैं. इन्हें मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और सुरक्षित स्थानों पर रहना चाहिए.
क्या इस बारिश से गर्मी कम होगी?
हां, तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है. इससे कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन मौसम अस्थिर रहेगा.
क्या यह मौसम लंबे समय तक रहेगा?
यह सिस्टम 3 से 5 दिनों तक सक्रिय रहेगा. इसके बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य होने की संभावना है.
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
आंधी और बिजली के दौरान बाहर निकलने से बचें. पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें. किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय तुरंत करने चाहिए.
