Sat. Mar 21st, 2026

चिंताजनक:बाल मृत्यु दर में कमी पर रफ्तार धीमी, 2024 में 49 लाख बच्चों की मौत; कुपोषण, संक्रमण प्रमुख कारण – Global Child Mortality Report 2024 49 Lakh Children Deaths Malnutrition And Infections Are Main Causes

baby infant children 41c2b1b6dad91c2f196aa210353d6889

दुनिया में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में कमी तो आई है, लेकिन इसकी रफ्तार अब सुस्त पड़ती दिख रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और सहयोगी एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट लेवल्स एंड ट्रेंड्स इन चाइल्ड मोर्टेलिटी के अनुसार, साल 2024 में लगभग 49 लाख बच्चों की पांच वर्ष की उम्र पूरी करने से पहले ही मृत्यु हो गई, जिनमें 23 लाख नवजात शामिल हैं। रिपोर्ट का कहना है कि इन मौतों का बड़ा हिस्सा सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए रोका जा सकता था। रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2000 के बाद से वैश्विक स्तर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों में आधे से अधिक की कमी आई है।

हालांकि 2015 के बाद इस गिरावट की रफ्तार में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र में धीमी पड़ती प्रगति की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा गति से वैश्विक लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कुल बाल मृत्युदरों में लगभग आधी हिस्सेदारी नवजात शिशुओं की है।

क्यों हो रहीं नवजातों की मौत?

रिपोर्ट के मुताबिक नवजात मौतों के प्रमुख कारण समय से पहले जन्म से जुड़ी जटिलताएं (36 प्रतिशत) और प्रसव के दौरान या जन्म के समय होने वाली जटिलताएं (21 प्रतिशत) हैं। इसके अलावा संक्रमण और जन्मजात विकृतियां भी अहम कारणों में शामिल हैं। रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि गुणवत्तापूर्ण प्रसूति सेवाएं, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता और नवजात देखभाल सुविधाएं इन मौतों को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

पहली बार रिपोर्ट में गंभीर कुपोषण से होने वाली मौतों का वैश्विक अनुमान प्रस्तुत किया गया है। इसके अनुसार, 1 से 59 महीने के एक लाख से अधिक बच्चों की मौत गंभीर कुपोषण के कारण हुई, जो कुल बाल मृत्युदरों का लगभग पांच प्रतिशत है। हालांकि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि कई मामलों में कुपोषण को प्रत्यक्ष कारण के रूप में दर्ज नहीं किया जाता। पाकिस्तान, सोमालिया और सूडान जैसे देशों में कुपोषण से जुड़ी मौतों का बोझ अधिक पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मलेरिया अकेले 17% मौतों के लिए जिम्मेदार है। सब-सहारा अफ्रीका के चाड, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, नाइजर और नाइजीरिया जैसे देशों में मलेरिया से होने वाली मौतें अधिक हैं। इन क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन और दवाओं के प्रति प्रतिरोध जैसी चुनौतियां रोकथाम और उपचार को कठिन बनाती हैं।

क्षेत्रीय असमानताएं बेहद गहरी रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर गहरी

क्षेत्रीय असमानताओं को उजागर करती है। सब-सहारा अफ्रीका में पांच साल से कम उम्र की कुल मौतों का 58 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया है, जहां 54 प्रतिशत मौतों के पीछे संक्रमण प्रमुख कारण हैं। दक्षिण एशिया में 25 प्रतिशत बाल मौतें दर्ज हुईं, जहां नवजात जटिलताएं जैसे समय से पहले जन्म, जन्म के दौरान चोट और संक्रमण प्रमुख कारण हैं।

इसके विपरीत यूरोप और उत्तरी अमेरिका में संक्रमण से होने वाली मौतें नौ प्रतिशत तक सीमित हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में यह आंकड़ा छह प्रतिशत है।ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में असमानता बच्चों के जीवित रहने की संभावना को सीधे प्रभावित करती है।

अन्य वीडियो

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *