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संकट में काम आएगा तो सिर्फ भारत, ऊर्जा जरूरतों के लिए नई दिल्ली की शरण में ढाका, पिघल रही रिश्तों पर जमी बर्फ

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‘संकट में काम आएगा तो सिर्फ भारत’, ऊर्जा जरूरतों के लिए दिल्ली की शरण में ढाका

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बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की संभावित भारत यात्रा की तारीखें भी तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे भारत-बांग्लादेश रिश्तों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि भारत और बांग्लादेश अपने संबंधों को टकराव से निकालकर सहयोग और साझेदारी के नए दौर में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.

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'संकट में काम आएगा तो सिर्फ भारत', ऊर्जा जरूरतों के लिए दिल्ली की शरण में ढाकाZoom

भारत-बांग्लादश के रिश्तों में आई कड़वाहट अब दूर हो रही है. (एएनआई)

नई दिल्ली. भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिशें तेज होती दिख रही हैं. इसी कड़ी में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाद हमीदुल्ला ने नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से अहम मुलाकात की. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दोनों देश ‘प्रैग्मैटिक रीसेट’ यानी व्यावहारिक तरीके से रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं. जयशंकर ने इस बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम बताया, वहीं बांग्लादेशी उच्चायुक्त ने साझा हितों और लाभ के आधार पर साथ काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई.

दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल में पद संभालने के बाद यह पहली बार है जब रियाज हमीदुल्ला ने दिल्ली में इतने वरिष्ठ भारतीय मंत्रियों से मुलाकात की है. इससे साफ संकेत मिलता है कि दोनों देश रिश्तों में आई ठंडक को खत्म करने के लिए सक्रिय हो गए हैं. आर्थिक मोर्चे पर भी बातचीत का खास फोकस रहा. हमीदुल्ला ने पीयूष गोयल के साथ बैठक में व्यापारिक मुद्दों को सुलझाने और आर्थिक साझेदारी को गहरा करने के रास्तों पर चर्चा की.

इस बीच, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच ढाका ने भारत से डीजल की सप्लाई जारी रखने का अनुरोध भी किया है, जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा समझौते का हिस्सा है. भारत ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा है कि वह अपनी घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस अनुरोध पर विचार करेगा.

दोनों देश अब बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की संभावित भारत यात्रा की तारीखें भी तय करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे रिश्तों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि भारत और बांग्लादेश अपने संबंधों को टकराव से निकालकर सहयोग और साझेदारी के नए दौर में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं – जहां रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग अहम भूमिका निभाएंगे.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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