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Parliament Budget Session LIVE: लोकसभा में बोलेंगे पीएम मोदी, अमित शाह राज्यसभा में पेश करेंगे CAPF बिल

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ईद और फिर शनिवार-रविवार की लंबी छुट्टी के बाद संसद के बजट सत्र की कार्यवाही आज फिर शुरू हो रही है. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राज्यसभा में अहम ‘केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन और विनियमन) विधेयक, 2026’ पेश करने वाले हैं. वहीं खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर दो बजे लोकसभा में बोल सकते हैं. माना जा रहा है पीएम मोदी पश्चिम एशिया में जारी जंग से पैदा हुए ऊर्जा संकट पर संसद को संबोधित कर सकते हैं.

इस बिल का मकसद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तों को एक समान कानून के तहत विनियमित करना है. फिलहाल CRPF, BSF, ITBP और SSB जैसे बल अलग-अलग कानूनों के तहत संचालित होते हैं. सरकार का मानना है कि एक समान ढांचा न होने से प्रशासनिक दिक्कतें और सेवा विवाद बढ़ते हैं.

इस बिल के तहत आईजी स्तर के 50% पद आईपीएस अफसरों से भरे जाने का प्रस्ताव है. इसके अलावा एडीजी स्तर के कम से कम 67% पद आईपीएस अधिकारियों को दिए जाएंगे. वहीं एसडीजी और डीजी स्तर के सभी पद प्रतिनियुक्ति के जरिए भरे जाएंगे.

‘हम एक सेंसिटिव दौर में हैं’

पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल जंग से आई ऊर्जा संकट पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ‘… सभी को डिप्लोमेसी को मौका देने की ज़रूरत है. एनर्जी इस्तेमाल करने वाले देशों के लिए हालात हर पल और भी गंभीर होते जा रहे हैं, क्योंकि यह सिर्फ़ क्रूड ऑयल और नैचुरल गैस का मामला नहीं है, बल्कि फर्टिलाइज़र, खाने-पीने की चीज़ों और फार्मास्यूटिकल्स का भी मामला है… पूरी सप्लाई चेन में रुकावट आ गई है. हम एक सेंसिटिव दौर में आ गए हैं…’

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ला जा रहा बिल

यह विधेयक ऐसे समय में लाया जा रहा है जब सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2025 में अपने फैसले में CAPFs में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कम करने और कैडर रिव्यू करने के निर्देश दिए थे. केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका भी खारिज हो चुकी है.

शशि थरूर ने उठाए सवाल

विधेयक पेश होने से पहले शशि थरूर ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर CAPF जवानों और अधिकारियों से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा है. थरूर ने बताया कि उन्हें ‘एलायंस ऑफ ऑल एक्स-पैरामिलिट्री फोर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन’ की ओर से एक मांग पत्र मिला है, जिसे उन्होंने सरकार तक पहुंचाया है. यह संगठन CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF और असम राइफल्स के 20 लाख से अधिक सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है.

CAPFs बिल 2026 को लेकर संसद में चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है. एक ओर सरकार इसे सुधारात्मक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और पूर्व पैरामिलिट्री कर्मी इससे जुड़े कई मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं.

By uttu

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