उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुमशुदा महिला को पुलिस ने हरियाणा से सकुशल बरामद कर लिया है. जांच में खुलासा हुआ कि महिला अपने ही मौसेरे भाई के साथ प्रेम संबंध के चलते घर से गई थी. इस मामले में महिला के पति पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में पुलिस ने महिला के पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जानकारी के अनुसार, महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव निवासी राजू तिवारी ने 22 जनवरी 2026 को पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी 28 वर्षीय पत्नी बिना बताए अपने दो बच्चों को छोड़कर कहीं चली गई है. इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी थी.
इसी दौरान 20 फरवरी को महिला के पिता शारदा प्रसाद मिश्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या के लिए अपहरण किया गया है. इस शिकायत के आधार पर राजू तिवारी और उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया और जांच तेज कर दी गई. तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से पुलिस को पता चला कि महिला हरियाणा के मानेसर क्षेत्र में मौजूद है.
गुमशुदा महिला हरियाणा से सकुशल बरामद
22 मार्च को महेवाघाट पुलिस ने हरियाणा के इंडस्ट्रियल सेक्टर-7, मानेसर में छापा मारकर महिला को उसके मौसेरे भाई संकल्प मिश्रा उर्फ रामू के किराए के कमरे से सकुशल बरामद कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि महिला अपनी मर्जी से अपने मौसेरे भाई के साथ गई थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध था. यह भी जानकारी मिली कि महिला पहले भी अगस्त 2024 में उसके साथ दिल्ली जा चुकी थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच थाने में समझौता हुआ था.
महिला के बयान पर पति को मिली राहत
पुलिस के अनुसार, महिला के पिता और परिवार को इस संबंध की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने जानबूझकर पति और उसके परिवार को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया. महिला के बयान के आधार पर जेल में बंद पति राजू तिवारी को अदालत से रिहा कर दिया गया है. वहीं राजू तिवारी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने महिला के पिता, भाई और मौसेरे भाई समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. पुलिस ने महिला के पिता शारदा प्रसाद मिश्रा और भाई गोपाल मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जबकि संकल्प मिश्रा उर्फ रामू और वरुण त्रिपाठी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.
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