ट्रेन छूटने 30 मिनट पहले बोर्डिंग चेंज करने का बड़ा फायदा NCR के इन 5 शहरों को
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Boarding change rules changed- भारतीय रेलवे ने ट्रेन में सफर करने वालों को बड़ी राहत दी है. अब यात्री आठ घंटे के बजाए ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग चेंज कर सकता है. इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा एनसीआर के पांच शहरों को होगा. अगर आप भी यहां रहते हैं तो जरूर जानें, ये कैसे होगा?

इस फैसले से रोजाना हजारों यात्रियों को मिली राहत.
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने एक दिन पहले बोर्डिंग चेंज करने के नियम में बदलाव किया है. अब यात्री आठ घंटे के बजाए ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग चेंज कर सकते हैं. इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा एनसीआर के पांच शहरों को होगा. इसके अलावा बड़े शहरों के आउटस्कर्ट एरिया में रहने वालों को होगा. इन शहरों में रहने वाले लोगों के लिए यह फैसला मन मांगी मुराद जैसी ही है.
एनसीआर के पांच शहर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के तमाम लोग ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली जाते हैं. इन ट्रेनों में से कई ऐसी भी होती हैं, जो इनके शहरों में रुकती हैं, पर कम समय के लिए. इसलिए सुविधाजनक सफर शुरू करने के लिए 30 से 50 किमी. दूर ट्रेवल कर जाते हैं. इन सभी शहरों से दिल्ली के विभिन्न स्टेशनों में पहुंचने में रास्ते में कहीं न कहीं जाम जरूर लगता है.
क्या होती है परेशानी
ट्रेन पकड़ने के लिए जाने वाले लोग घर से एक्स्ट्रा समय लेकर निकलते हैं, पर कई बार रास्ते में लंबा जाम लग जाता है, उन हालातों में यह एक्स्ट्रा समय भी कम पड़ जाता है. ऐसे में यात्रियों की ट्रेन छूटने की आशंका रहती है तो कई बार छूट भी जाती है. चूंकि बोर्डिंग स्टेशन अंतिम समय बदल नहीं सकते हैं, इसलिए ट्रेन शुरू होने वाले स्टेशन ही पहुंचना चाहते हैं.
नियम बदलने से कैसा फायदा
इस नियम बदलने से लोग बोर्डिंग स्टेशन समय देखकर बदल सकते हैं. मसलन कोई व्यक्ति ग्रेटर नोएडा से जा रहा है. उसे हावड़ा की ओर जाने वाली ट्रेन पकड़नी है. जाम की वजह से दिल्ली के रेलवे स्टेशन पहुंचने में समय लग रहा है, तो ऐसे में वो यात्री बोर्डिंग स्टेशन बदलकर गाजियाबाद के स्टेशन पहुंच सकता है. भले ही गाजियाबाद स्टेशन पहुंचने में समय लगे, पर इसका फायदा यह होगा कि दिल्ली से छूटने वाली ट्रेन को गाजियाबाद पहुंचने में आधा घंटा लगेगा. इस दौरान व्यक्ति स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पकड़ा सकता है. भले ही कम समय के लिए रुकती हो, पर वो ट्रेन में सवार हो सकता है. इसका फायदा केवल दिल्ली के बाहर रहने वालों को नहीं बल्कि बड़े शहरों के आउटस्कर्ट में रहने वालों को भी होगा. वहां पर भी कई बार ट्रेन पकड़ने के दौरान ऐसी स्थिति बन जाती हैं.
दिल्ली के स्टेशनों में जाने की नहीं रहेगी मजबूरी.
पर एक स्टेशन तक वेट करने का था नियम
सामान्य तौर पर ट्रेन छूटने के अगले स्टेशन तक टीटीई यात्री का इंतजार करता है. इस तरह का कोई नियम नहीं है, पर टीटीई इसलिए इंतजार कर लेता है कि कोई यात्री ट्रेन के छूटने के समय किसी और कोच में चढ़ गया हो तो कुछ समय में अपनी सीट में आ जाएगा. पर बोर्डिंग अपडेट करते ही टीटीई के मैसेज पहुंच जाएगा कि आप पूर्व तय स्टेशन के बजाए दूसरे स्टेशन से चढ़ेंगे.
