भारत पर ईरान जंग का बुरा असर नहीं पड़ने देंगे, राजनाथ ने बताया फुलप्रूफ प्लान
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राजनाथ सिंह ने लिखा, ‘मोदी सरकार हर प्रभाव से भारतीयों को बचाने के लिए कमिटेड है’. केंद्र सरकार राज्यों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है. किसी भी इंडस्ट्री पर युद्ध का बुरा असर नहीं पड़ने दिया जाएगा. पब्लिक को हर अपडेट टाइम पर देने की पूरी प्लानिंग कर ली गई है.

राजनाथ सिंह ने निर्मला सीतारमण और नड्डा संग अहम मीटिंग की.
नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को पश्चिम एशिया में गहराते संकट के असर से निपटने के लिए मध्यम से लंबी अवधि की तैयारियों और तेज़ी से फ़ैसले लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. सिंह ने ये बातें पश्चिम एशिया की स्थिति पर नज़र रखने के लिए बनाए गए मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (IGoM) की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहीं. इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बिजली मंत्री मनोहर लाल और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा शामिल हुए.
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि बैठक में सचिवों के सात अधिकार प्राप्त समूहों (EGoS) ने प्रेजेंटेशन दिए, जिनमें पहचाने गए प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दों और स्थिति को संभालने के लिए पहले से लागू किए गए नीतिगत उपायों की रूपरेखा पेश की गई. मंत्रालय ने कहा कि IGoM ने बदलती स्थिति और भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर इसके असर का समग्र रूप से जायज़ा लिया.
मंत्रालय ने बताया कि रक्षा मंत्री सिंह ने एक सक्रिय, समन्वित और दूरदर्शी दृष्टिकोण की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, और बदल रहे हालात को देखते हुए सतर्क रहने के महत्व को रेखांकित किया. उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी इस चर्चा में शामिल हुए।
सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि IGoM की बैठक पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनज़र ऊर्जा आपूर्ति, ज़रूरी चीज़ों की घरेलू उपलब्धता, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की मज़बूती और भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं की दृढ़ता पर पड़ने वाले जोखिमों की समीक्षा करने के लिए आयोजित की गई थी. उन्होंने कहा, “भारत सरकार द्वारा उठाए जा रहे सभी उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और वह इस संघर्ष के किसी भी असर से भारतीय लोगों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है.”
मंत्रालय ने बताया कि सिंह ने EGoS को स्थिति पर लगातार बारीकी से नज़र रखने, मध्यम से लंबी अवधि की तैयारियों का दृष्टिकोण अपनाने, उच्च-स्तरीय समन्वय बनाए रखने और तेज़ी से फ़ैसले लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन दिया. मंत्रालय ने कहा, “उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी नीतिगत प्रयास एक-दूसरे के पूरक होने चाहिए और उन्हें समय-सीमा के भीतर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित मंत्रियों से रचनात्मक सुझाव भी मांगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत मज़बूत और तैयार रहे.”
IGoM ने राज्यों और ज़िला प्रशासनों के साथ करीबी तालमेल की अहमियत को फिर से दोहराया, साथ ही अहम नीतिगत पहलों की जानकारी समय पर जनता तक पहुंचाने पर भी ज़ोर दिया. अलग-अलग उद्योगों पर मौजूदा हालात के असर का आकलन करने की ज़रूरत पर भी चर्चा की गई. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह निर्देश भी दिया गया कि सभी मंत्रालय और विभाग मौजूदा हालात से जुड़ी ज़रूरी जानकारी, घटनाक्रम और सलाह MIB WhatsApp चैनल के ज़रिए साझा करें, ताकि नागरिकों तक सही जानकारी पहुंचे और अफ़वाहों, गलत जानकारियों और फ़ेक न्यूज़ का असरदार तरीके से मुक़ाबला किया जा सके.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
